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बाबरी मामले में आडवाणी समेत भाजपा नेताओं पर चलेगा केस
बाबरी मस्जिद मामले में सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि विवादित बाबरी मस्जिद को तोड़ने की साज़िश के आरोप में 13 भाजपा नेताओं पर केस चलेगा.
इसमें भाजपा नेता लाल कृष्ण आडवाणी, मुरली मनोहर जोशी, कल्याण सिंह और केंद्रीय मंत्री उमा भारती शामिल हैं.
सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि इस मामले में रोज़ सुनवाई होगी और इस दौरान किसी जज का ट्रांसफ़र नहीं होगा.
सुप्रीम कोर्ट के जज पीसी घोष और रोहिंटन नरीमन के पीठ ने सीबीआई की अपील पर यह फैसला सुनाया.
सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि इस मामले में लखनऊ और रायबरेली की अदालतों में ये मुकदमें अब एक साथ चलेंगे.
इसके साथ ही शीर्ष अदालत ने इस मामले की सुनवाई दिन प्रतिदिन के आधार पर करने को कहा है.
इस मुकदमे की सुनवाई कर रहे किसी भी जज का तबादला सुनवाई के दौरान नहीं किया जाएगा.
फैसला सुनाते हुए अदालत ने कहा कि आडवानी, जोशी और अन्य के खिलाफ अतिरिक्त आरोप चार हफ्ते में तय किए जाएं.
इस मामले में सीबीआई ने आडवानी और 20 अन्य के खिलाफ धारा 153ए, 153बी 505 के तहत आरोप पत्र दाखिल किया था.
इन लोगों पर धारा 120 बी के तहत आपराधिक षडयंत्र का भी आरोप लगाया गया था जिसे सीबीआई की एक विशेष अदालत ने हटा दिया था. इसका इलाहाबाद हाई कोर्ट ने भी समर्थन किया था.
यह आरोप इसलिए हटाए गए क्योंकि अदालत की स्थापना सरकारी अधिसूचना के ज़रिए नही की गई थी.
इस मामले के प्रमुख आरोपियों में निम्न लोग शामिल हैं.
अयोध्या में छह दिसंबर 1992 को विवादित राम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद इमारत को तोड़ने के कथित षड्यंत्र, भडकाऊ भाषण और पत्रकारों पर हमलों के कई मुकदमे वर्षों से कानूनी दांव पेंच में उलझे हुए हैं.
इनमें से कई मामले क्तों पर लखनऊ में और आठ पर रायबरेली में मुकदमे चल रहे हैं. मगर नौ ऐसे भी अभियुक्त हैं, जिन पर कहीं मुकदमा चल ही नही रहा है.
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