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माल्या को लाया गया तो वो ऐसे दूसरे भारतीय होंगे
उद्योगपति विजय माल्या को ब्रिटेन से भारत लाने में सरकार को सफलता मिली तो ब्रिटेन से प्रत्यर्पित किए गए वो दूसरे भारतीय होंगे.
भारतीय विदेश मंत्रालय की वेबसाइट के मुताबिक, अब तक ब्रिटेन से मात्र एक ही भारतीय को प्रत्यर्पित कराया जा सका है.
इसी साल समीरभाई वीनूभाई पटेल को हत्या, आपराधिक साज़िश समेत कई अन्य मामलों में भारत लाया गया था.
विजय माल्या को ब्रिटेन से भारत लाने में तब भारत को बड़ी कामयाबी हाथ लगी जब उन्हें लंदन में गिरफ़्तार किया गया. लेकिन आठ लाख डॉलर (क़रीब 5 करोड़ रुपये) के बॉन्ड पर उन्हें ज़मानत दे दी गई.
विजय माल्या पर भारतीय बैंकों का 9 हजार करोड़ रुपये का क़र्ज़ न चुकाने का आरोप है.
भारत उन्हें ब्रिटेन से देश वापिस लाने की कोशिश कर रहा है. लेकिन दोनों देशों के बीच प्रत्यर्पण संधि की जटिल प्रक्रिया के कारण ये काम मुश्किल हो सकता है.
विदेश मंत्रालय की मानें तो अब तक भारत ने मात्र 62 लोगों को अलग-अलग मामलों में प्रत्यर्पित करवाया है.
इसमें से साल 2016 में चार लोगों को प्रत्यर्पित करवाया था जबकि साल 2015 में कुल छह लोगों को भारत प्रत्यर्पित किया गया था.
अधिकतर मामले जिनमें भारत ने नागरिकों का प्रत्यर्पण कराया है वो हत्या, आपराधिक साजिश और धोखाधड़ी और चरमपंथ के मामले हैं. जाली पासपोर्ट और यौन अपराधों के मामालों में भी कुछ लोगों का प्रत्यर्पण करवाया गया है.
आर्थिक अपराधों के मामले में अब तक जिन लोगों का प्रत्यर्पण हुआ -
रविंदर कुमार रस्तोगी - संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) से 2003 में प्रत्यर्पित किए गए.
एम. वरदराजालू - संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) से 2005 में प्रत्यर्पित किए गए.
नरेंद्र रस्तोगी - 2008 में अमरीका से प्रत्यर्पित किए गए.
पैसों की धोखाधड़ी के मामलों में -
2004 में अशोक ताहिलराम सदारंगानी को हांगकांग से, 2004 में शर्मिला शानबाग को जर्मनी से, नरेंद्र कुमार गुदगुद को अमरीका से साल 2011 में और यनीव बेनाम को पेरू से इसी साल भारत प्रत्यर्पित कराया गया था.