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कुलभूषण मामला: 'नहीं दिया पाकिस्तान ने जवाब'
भारत सरकार ने कहा है कि उसने पाकिस्तान से कुलभूषण जाधव के ख़िलाफ़ दायर आरोप पत्र और उन्हें मौत की सज़ा सुनाने वाली सैन्य अदालत के आदेश की कॉपी मांगी थी जिसपर उसने अब तक कोई जवाब नहीं दिया है.
भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता गोपाल बागले ने रविवार को पत्रकारों को बताया कि पाकिस्तान में भारत के उच्चायुक्त गौतम बंबावाले ने शुक्रवार को पाकिस्तान की विदेश सचिव से इस्लामाबाद में मुलाक़ात के दौरान इन दोनों दस्तावेज़ों की मांग की थी.
भारत सरकार पहले ही कह चुकी है कि वो जासूसी के आरोप में पाकिस्तान में भारतीय नागरिक कुलभूषण जाधव को मौत की सज़ा सुनाए जाने के फ़ैसले को चुनौती देगी.
भारत की विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने कहा है कि अगर कुलभूषण को फांसी दी जाती है तो 'ये जानबूझकर की गई हत्या माना जाएगा.'
पाकिस्तान तैयार कर रहा है नई फ़ाइल
इस बीच समाचार एजेंसी पीटीआई ने ख़बर दी है कि पाकिस्तानी मीडिया में ऐसा बताया जा रहा है कि पाकिस्तान कुलभूषण जाधव की कथित चरमपंथी गतिविधियों के बारे में एक नई फ़ाइल या डॉज़िए तैयार कर रहा है जिसे वो संयुक्त राष्ट्र और पाकिस्तान में तैनात विदेशी दूतावासों के साथ साझा करेगा.
रिपोर्टों के अनुसार नई फ़ाइल कुलभूषण जाधव के शुरूआती बयानों पर आधारित होगी जो उन्होंने सैनिक अदालत के समक्ष अपनी सुनवाई के दौरान दिए थे.
कुलभूषण यादव पर पाकिस्तान की सैन्य अदालत - फ़ील्ड जेनरल कोर्ट मार्शल - में मुक़दमा चला था जिसने उन्हें मौत की सज़ा सुनाई.
अलग अलग दावे
पाकिस्तान दावा करता है कि उसके सुरक्षाबलों ने कुलभूषण जाधव को पिछले साल तीन मार्च (3 मार्च, 2016) को बलोचिस्तान में गिरफ़्तार किया था. उसका कहना है कि कुलभूषण ने ईरान के रास्ते पाकिस्तान में प्रवेश किया.
पाकिस्तान ये भी दावा करता है कि कुलभूषण "भारतीय नौसेना के एक अधिकारी" हैं.
भारत सरकार ये तो मानती है कि कुलभूषण जाधव नौसेना से जुड़े थे मगर वो उनका सरकार के साथ किसी तरह का संबंध होने की बात से इनकार करती है.
कुलभूषण जाधव के परिवार का कहना है कि उन्होंने नौसेना छोड़कर अपना कारोबार शुरू किया था और वो ईरान के चाबहार बंदरगाह से काम कर रहे थे.
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