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'पीटा, जीप से बांधा और 18 किमी तक घुमाते रहे'
भारत प्रशासित कश्मीर में सेना की जीप से बंधे जिस युवक का वीडियो सोशल मीडिया पर साझा हो रहा है, उसकी पहचान हो गई है.
इस व्यक्ति का नाम फ़ारुक़ अहमद डार है.
दरअसल, शुक्रवार को जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने एक वीडियो ट्वीट किया था और इसकी जाँच कराने की मांग की थी.
बीबीसी संवाददाता सलमान रावी ने फोन पर उनसे बात की.
पढ़िए, इस वीडियो की पूरी कहानी फ़ारुक़ डार की ही ज़बानी
घटना पोलिंग के दिन 9 अप्रैल इतवार की है. श्रीनगर सीट पर 9 अप्रैल के दिन उपचुनाव हुआ था.
मैं उडली गांव से गांवपुरा जा रहा था. वहाँ मेरे एक रिश्तेदार की मौत हो गई थी.
मैं ताज़ियत (शोक व्यक्त करने) वहाँ मोटरसाइकिल से जा रहा था.
दिन में पौने 11 बजे या 11 बजे की बात होगी. राष्ट्रीय रायफल्स के जवानों ने मुझे पकड़ा और डंडे से मेरी पिटाई की और गाड़ी से बांधा.
फिर उन्होंने मुझे लगभग 18 किलोमीटर तक घुमाया और फुटबाल की तरह खिलौना बनाया.
आखिर में शाम साढ़े सात बजे मुझे राष्ट्रीय रायफल्स के कैंप में छोड़ा. गांव के सरपंच की जमानत पर मुझे छोड़ा गया.
राष्ट्रीय रायफल्स के लोगों का कहना था कि मैं पत्थरबाज़ हूं, जबकि मैंने कभी पत्थरबाज़ी नहीं की. मैंने वोटर आईडी कार्ड, आधार कार्ड दिखाया, लेकिन उन्होंने कुछ नहीं माना.
मैंने इसकी किसी शिकायत किसी भी अधिकारी से नहीं की है.
सेना कर रही है जांच
इस बीच, सेना का कहना है कि जीप से बंधे नौजवान वाले वीडियो की जांच-पड़ताल की जा रही है.
चिनार कॉर्प्स ने ट्वीट किया है, "सेना की जीप से बंधे नौजवान वाले वीडियो के कंटेंट की जांच की जा रही है."
इस ट्वीट को भारतीय सेना के टि्वटर हैंडल से रीट्वीट भी किया गया है. भारतीय सेना के श्रीनगर स्थित 15 कोर के प्रवक्ता राजेश कालिया ने स्थानीय पत्रकार माजिद जहांगीर से बताया है कि इस मामले की जांच की जा रही है.
डार का कहना है कि अभी तक जाँच करने के लिए न तो पुलिस वहाँ आई है और न ही सेना. मीडिया ज़रूर उन तक पहुँचा है.
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