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भारत-विरोधी ओवैसी बाहर, मुझे जेल क्यों: सुरेश चव्हाणके
- Author, दिलनवाज़ पाशा
- पदनाम, बीबीसी हिंदी संवाददाता
सुदर्शन न्यूज़ के संपादक और सीएमडी सुरेश चव्हाणके ने उन्हें हिरासत में लिए जाने पर सवाल उठाया है.
चव्हाणके ने कहा है कि उत्तर प्रदेश पुलिस बिना किसी तरह की सुनवाई किए ये कार्रवाई किस तरह कर सकती है.
चव्हाणके को हिरासत में लिए जाने की खबर आते ही बीबीसी ने उनसे संपर्क करने की कोशिश की. चव्हाणके के साथ मौजूद उनके सहयोगियों के फोन पर चव्हाणके ने बीबीसी हिंदी से बातचीत की.
उत्तर प्रदेश पुलिस ने उन्हें लखनऊ एयरपोर्ट से गिरफ़्तार किया है.
सुरेश चव्हाणके पर संभल में कई धाराओं के तहत मामला दर्ज है. उन पर सांप्रदायिक तनाव फैलाने के आरोप लगाए गए हैं.
संभल के पुलिस अधीक्षक रवि शंकर छवि ने गिरफ़्तारी की पुष्टि करते हुए बताया कि उन पर संभल में भारतीय दंड संहिता की धारा 153ए, 259ए और 505 (1ए) के तहत मामला दर्ज है.
यूपी पुलिस कैसे कर सकती है ऐसी कार्रवाई?
चव्हाणके का कहना था, "मैं उत्तर प्रदेश पुलिस से पूछना चाहता हूं कि भारत के विरुद्ध बयान देने वाले तमाम लोग बाहर हैं, भारत के खिलाफ देशद्रोह के आरोप जिन पर लगे हैं वो ओवैसी बाहर हैं, और आपने एक राष्ट्रवादी पत्रकार को अंदर किया है."
'योगी जी को मेरी गिरफ्तारी के बारे में नहीं पता'
सुरेश चव्हाणके ने बीबीसी से कहा, "उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को इस बारे में पता नहीं है."
चव्हाणके ने अपने फेसबुक अकाउंट पर उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के नाम पर पत्र लिखकर पोस्ट किया है.
इस पोस्ट में चव्हाणके ने अपने ऊपर हुई कार्रवाई को निरस्त करने की मांग की है.
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