जब चुनाव प्रचार में उतारा जयललिता का नकली 'शव'

- Author, के मुरलीधरन
- पदनाम, बीबीसी संवाददाता
नेताओं की विरासत के सहारे कई कई सालों तक राजनीतिक पार्टियां चलती हैं, लेकिन अपने शीर्ष नेताओं की विरासत भुनाने के क्या क्या तरीके हो सकते हैं?
तमिलनाडु में लोकप्रिय नेता और पूर्व मुख्यमंत्री जयललिता के निधन के बाद एआईएडीएमके पार्टी ओ पनीरसेलवम और शशिकला धड़ों में बंट गई और दोनों के बीच जयललिता की विरासत को लेकर लड़ाई जारी है.
लेकिन बात यहां तक पहुंच गई कि चेन्नई की राधाकृष्णनगर सीट पर होने वाले उप चुनाव के लिए प्रचार में एक धड़ा जयललिता के शव की डमी या 'नकल' लेकर पहुंच गया.
तमिलनाडु की मुख्यमंत्री जे जयललिता का लंबी बीमारी के बाद पिछले साल निधन हो गया था जिसके बाद राधाकृष्ण नगर की विधानसभा सीट खाली हो गई थी.
यहां 12 अप्रैल को उपचुनाव होने हैं इसके लिए पूर्व मुख्यमंत्री ओ पनीरसेलवम के धड़े के उम्मीदवार मधुसूदनन के चुनाव प्रचार में पार्टी नेता अझगु तमिल सेलवी के साथ पूर्व मंत्री के पांडियाराजन भी उतरे.

चुनाव प्रचार के लिए जिस गाड़ी पर ये नेता सवार थे उसके आगे जयललिता के शव की नकल को रखा गया था, उस पर एक तिरंगा भी लगाया गया था.
ये पुतला हूबहू पूर्व मुख्यमंत्री जयललिता के शव की तरह लग रहा था जब उन्हें चेन्नई के राजाजी भवन में रखा गया था.

इमेज स्रोत, Getty Images
चुनाव प्रचार के दौरान तमिल सेलवी ने इस पुतले की ओर इशारा करते हुए शशिकला पर जयललिता की मौत की साज़िश करने का आरोप लगाया.
चुनाव प्रचार के इस तरीके ने इस इलाके में भी काफ़ी खलबली मचा दी. लेकिन चुनाव प्रचार शुरू होने के बीस मिनट में पुलिस ने प्रचार में इस तरीके से बचने को कहा.
विपक्ष ने कहा है कि इस मसले पर चुनाव आयोग से शिकायत करेंगे.

वहीं सोशल मीडिया पर भी इसे लेकर काफ़ी आलोचना हुई.
चुनाव प्रचार में इस मुद्दे को लेकर चेन्नई के नेताजीनगर में एडीएमके के दो धड़ों के बीच हिंसक झड़पें भी हुईं जिसमें पार्टी के एक धड़े के दस लोग घायल हुए हैं.
जयललिता की जगह ओ पनीरसेलवम को तमिलनाडु का मुख्यमंत्री बनाया गया था लेकिन बाद में जयललिता की करीबी शशिकला से तक़रार के बाद पार्टी में घमासान मच गया.
इस उप चुनाव में दोनों धड़ों को चुनाव आयोग ने एआईएडीएमके पार्टी का नाम और चिह्न इस्तेमाल करने की इजाज़त नहीं दी थी.
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