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'कमल' की पर्ची निकलने से ईवीएम संदेह के घेरे में
- Author, शाहरोज आफ़रीदी
- पदनाम, भोपाल से बीबीसी हिंदी डॉटकॉम के लिए
चुनाव आयोग ने इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन में वोट डालने के बाद काग़ज़ की पर्ची निकलने की व्यवस्था यानी (VVPAT) पर मध्य प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी सलिना सिंह को तलब किया है.
ईवीएम के साथ ही वोटर वेरीफ़ाइएबल पेपर ऑडिट ट्रेल (वीवीपैट) भी शक के घेरे में है.
मध्य प्रदेश की मुख्य निर्वाचन अधिकारी सलिना सिंह ने दो विधानसभाओं के लिए 9 अप्रैल को होने वाले उपचुनाव में इस्तेमाल होने वाली मशीनों का डेमॉन्सट्रेशन रखा था.
डेमॉन्सट्रेशन के दौरान दो अलग अलग बटन दबाने पर भाजपा के चुनाव निशान कमल की ही पर्ची निकली थी.
पत्रकारों को धमकी?
वहां मौजूद पत्रकारों ने यह मामला उठाया तो सलिना सिंह ने कहा कि यह ख़बर छपनी नहीं चाहिए, वर्ना उन्हें थाने में बिठा दिया जाएगा.
कांग्रेस ने तुरंत इसे मुद्दा बना लिया और शनिवार को चुनाव आयोग में होने वाली राजनीतिक पार्टियों की बैठक का बहिष्कार कर दिया. इसके बाद बहुजन समाज पार्टी ने भी इस बैठक का बहिष्कार कर दिया.
पूरे प्रकरण पर जब बीबीसी ने मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी सलीना सिंह से बात की तो उन्होंने कहा कि अटेर में हुआ डेमो सिर्फ पत्रकारों को नई व्यवस्था समझाने के लिए था.
अफ़सर की सफ़ाई
उन्होंने सफ़ाई दी कि मशीनें ठीक से कैलिब्रेट नहीं की गई थीं, केवल प्रेस के लोगों की जिज्ञासा शांत करने के लिए दिखाया गया था.
चुनाव आयोग ने इस घटना का संज्ञान लेते हुए मुख्य चुनाव अधिकारी को तलब किया है. सलिना सिंह ने बताया कि उन्होंने पूरी जानकारी चुनाव आयोग को भेज दी है.
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अरुण यादव ने भी चुनाव आयोग को चिट्ठी लिख कर प्रदेश में इस्तेमाल होने वाली ईवीएम गड़बड़ी होने की आशंका जताते हुए मतपत्रों से चुनाव कराने की मांग की है.
यादव ने कहा कि अगर मुख्य चुनाव पदाधिकारी के सामने मशीन कमल चुनाव चिह्न उगल रही है तो चुनाव में क्या हाल होगा. उन्होंने सेलिना सिंह को हटाने की मांग भी कर दी.
इससे पहले उत्तर प्रदेश में चुनाव हारने के बाद बसपा सुप्रीमो मायावती और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल ने भी ईवीएम पर सवाल उठाए थे.
इसके पहले भाजपा नेता किरीट सोमैया और सुब्रमण्यम स्वामी ने भी ईवीएम मशीनों से छेड़छाड़ की आशंका जताई थी.