मैं राष्ट्रपति पद की रेस में नहीं हूं: मोहन भागवत

आरएसएस (राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ) प्रमुख मोहन भागवत ने कहा है कि वो राष्ट्रपति पद की दावेदारी में नहीं हैं.

नागपुर में आयोजित एक मीटिंग में उन्होंने कहा कि अगर उनके पास राष्ट्रपति पद का प्रस्ताव आता भी है तो वो इसे स्वीकार नहीं करेंगे.

मीडिया में भागवत की दावेदारी की बात तब चल निकली थी जब सोमवार को शिवसेना नेता संजय राउत ने कहा था, "भारत को हिंदू राष्ट्र बनाने के लिए मोहन भागवत राष्ट्रपति बनाए जाने के लिए बेहतर विकल्प होंगे."

समाचार एजेंसी पीटीआई ने राउत के हवाले से कहा था, "राष्ट्रपति का पद देश का सबसे सर्वोच्च पद है. इस पद पर किसी स्वच्छ व्यक्ति को चुना जाना चाहिए. ऐसा सुनने में आ रहा है कि राष्ट्रपति पद के लिए मोहन भागवत चर्चा में है."

भागवत ने इन ख़बरों पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, "मैंने अख़बारों में ऐसी ख़बरों को पढ़ा. अख़बार में कई तरह की ख़बरें छपती हैं, उनमें मनोरंजन जगत की ख़बरें भी होती हैं. मैं इस ख़बर को उसी श्रेणी में रखता हूं. जो भी मीडिया में कहा जा रहा है वैसा नहीं होने जा रहा है."

भागवत ने कहा कि वो संघ के लिए ही काम करते रहेंगे.

कांग्रेस ने मंगलवार को शिवसेना के भागवत को राष्ट्रपति पद बनाने के प्रस्ताव को खारिज करते हुए अपना उम्मीदवार उतारने की बात कही थी.

पीटीआई के अनुसार, कांग्रेस प्रवक्ता गौरव गोगोई ने कहा, "ये बिल्कुल साफ है कि हम आरएसएस की विचारधारा का समर्थन नहीं करते."

उन्होंने कहा, "राष्ट्रपति पद की जब बात आएगी, हम पार्टी के अंदर चर्चा करेंगे और अपने उम्मीदवार की घोषणा करेंगे."

वर्तमान राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी का कार्यकाल इसी साल जुलाई में समाप्त हो रहा है.

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