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एंटी रोमियो दल: यूपी में आख़िर चल क्या रहा है?
- Author, भरत शर्मा
- पदनाम, बीबीसी संवाददाता, दिल्ली
भाजपा ने चुनावों से पहले उत्तर प्रदेश में एंटी रोमियो स्क्वॉड बनाने का वादा किया था और योगी आदित्यनाथ के मुख्यमंत्री बनने के बाद इस दिशा में काम भी शुरू हो गया है.
लखनऊ ज़ोन के पुलिस महानिरीक्षक सतीश भारद्वाज ने मंगलवार को यूपी के 11 ज़िलों में महिलाओं से छेड़खानी रोकने के लिए 'एंटी रोमियो दल' बनाने का एलान किया था.
बीबीसी हिंदी ने इस बारे में उत्तर प्रदेश के एडीजी (लॉ एंड ऑर्डर) दलजीत सिंह से बातचीत की और इस पूरी कवायद से जुड़े सवालों के जवाब तलाशे.
एंटी रोमियो दल क्या है?
ये दो पुलिसकर्मियों की एक टीम है और ऐसी कई टीमें हो सकती हैं. इस टीम में दोनों पुरुष हो सकते हैं और दोनों महिलाएं हो सकती हैं और एक महिला और एक पुरुष भी हो सकता है.
इसका काम क्या है?
जिन-जिन इलाकों से आम तौर पर छेड़खानी की शिकायतें आती हैं जैसे - स्कूल-कॉलेज, बाज़ार, इंडस्ट्रियल इलाके - ये टीमें वहां वर्दी या सादे कपड़ों में गश्त करेंगी. अगर किसी को छेड़खानी करते देखेंगी, तो पकड़ेंगी.
दोषियों पर क्या कार्रवाई होगी?
उनकी चेतावनी दी जा सकती है, उन्हें काउंसलिंग भी दी जा सकती है और भारतीय दंड संहिता की धारा के तहत मामला भी दर्ज किया जा सकता है.
किन धाराओं के तहत कार्रवाई होगी?
इसमें कई तरह की धाराएं असरदार होंगी जो इस बात पर निर्भर करेगा कि छेड़खानी किस तरह की है. कोई आपत्तिजनक शब्द बोला गया तो अलग धारा है. मान लीजिए कोई हाथ पकड़ लेगा तो अलग धारा है. इस तरह कई धाराएं होंगी.
क्या इसका ग़लत इस्तेमाल नहीं होगा?
नहीं. ये ज़िम्मेदारी पुलिस विभाग के पास है और किसी भी निजी हाथों में ये अधिकार नहीं दिए गए हैं. जो भी ऐसे मामले होंगे उनमें विधिवत कार्रवाई होगी.
अगर पुलिसकर्मी कुछ गलत करें तो?
ऐसा नहीं होगा. इन दलों में केवल कॉन्सटेबल ही नहीं होंगे बल्कि, हेड कॉन्सटेबल, सब इंस्पेक्टर, यूपी100 और 1090 टीम से जुड़े लोग भी होंगे.
उत्तर प्रदेश में अभी ऐसी कितनी टीम हैं?
संख्या फ़िलहाल नहीं पता, लेकिन ये हर शहर के हर थाने में बनेंगी.
क्या इनका नई सरकार से कोई लेना-देना है?
प्रशासनिक स्तर पर कार्रवाई की कोशिश पहले चल रही थी, लेकिन अब हमें सख़्त निर्देश मिले हैं कि इस तरह की कोई शिकायत नहीं मिलनी चाहिए और हम पूरी कोशिश करेंगे.
क्या इस पूरी कवायद का 'लव जेहाद' से कोई लेना-देना है- इस बारे में बीबीसी संवाददाता ज़ुबैर अहमद ने जब उत्तर प्रदेश के पुलिस महानिदेशक जावेद अहमद से सवाल किया तो उन्होंने कहा कि ये भय बेबुनियाद है. असामाजिक तत्वों के ख़िलाफ़ कार्रवाई होगी, चाहे वो किसी भी धर्म के हों.
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