प्रेस रिव्यू- भजन गाने वाली मुस्लिम महिला ट्रोलिंग का शिकार

अमर उजाला की एक खबर है कि बेंगलुरू की में कन्नड़ रिएलिटी शो में भजन गाकर एक मुस्लिम युवती कट्टरपंथियों के निशाने पर आ गई है. सोशल मीडिया के ज़रिए उन पर लगातार हमले किए जा रहे हैं.

फेसबुक पर 'मैंगलोर मुस्लिम' नाम के ग्रुप ने एक पोस्ट डालकर सुहाना सईद पर समुदाय की छवि ख़राब करने का आरोप लगाया है.

पोस्ट में कहा गया है कि ' यह मत सोचना कि तुमने इस मंच पर दूसरे धर्म के मर्दों के सामने गाना गाकर और जजों की तारीफ़ हासिल करके कोई बड़ उपलब्धि पा ली है.

अख़बार लिखता है कि इस शो में हिस्सा लेने देने के लिए सुहाना के माता-पिता को भी कोसा गया है. लिखा है कि ' तुमने जहन्नुम का रास्ता चुना है. लेकिन तुम दूसरों को बर्बादी के लिए क्यों उकसा रहे हो.'

हिन्दुस्तान टाइम्स ने उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में बुधवार को मारे गए कथित चरमपंथी सैफुल्लाह को हेडलाइन बनाया है और लिखा है 'आईएस है या नहीं. केन्द्र यूपी पुलिस से नाराज़.'

इसमें लिखा है कि बुधवार सुबह मारे गए सैफुल्लाह को लेकर यूपी और मध्यप्रदेश की पुलिस बहुत जल्दी नतीजों पर पहुंच गई थी. जबकि अभी कई सवालों के जवाब नहीं मिले हैं.

अखबार ने गृहमंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी के हवाले से लिखा है '' दोनों राज्यों की अधिकारियों को समय से पहले टिप्पणी देने से पहले संयम बरतना चाहिए था. हम पहले भोपाल-उज्जैन ट्रेन में हुए विस्फोटों की जांच सकते थे और बाद में गिरफ्तारी कर सकते थे.''

वहीं इसी ख़बर पर इंडियन एक्सप्रेस ने लिखा है कि पुलिस शूटआउट में मारे गए चरमपंथी सैफुल्लाह को एक साल पहले चरमपंथी संगठन आईएस से प्रेरित एक चरमपंथी संगठन का मिलिट्री हेड बनाया गया था.

पिछले साल एक संदिग्ध ने पिछले साल फरवरी में एनआईए को पूछताछ में इस बारे में बताया था. पुलिस और खुफिया एजेंसियों को इसकी जानकारी थी.

दस्तावेज़ बताते हैं सैफुल्लाह को यूपी में नए इस्लामिक स्टेट सेल के लिए हथियार जमा करने और ट्रेनिंग का काम सौंपा गया था. और उनपर कई महिनों तक ऑनलाइन सर्विंलांस भी था. लेकिन सूत्रों के मुताबिक प्रयासों ने गति खो दी.

वहीं हिन्दुस्तान ने लिखा है कि सैफुल्लाह ट्रेनों को उड़ाना चाहता था. उसकी और अन्य चरमपंथियों की चुनाव बाद होली के आसपास ट्रेनों में सीरियल ब्लास्ट करने की साज़िश थी ताकि ज़्यादा से ज़्यादा लोगों को नुकसान पहुंचाया जाए.

अख़बार लिखता है कि कानपुर व इटावा से गिरफ्तार चरमपंथियों ने बताया कि खुरासान मॉड्यूल को लखनऊ व कानपुर में बेस बनाकर शातिर चरमपंथी जीएम ख़ान उर्फ गौस मुहम्मद ख़ान चला रहा था, उसने गुट में सैफुल्लाह समेत दो दर्जन से ज़्यादा लोगों को शामिल किया था.

जनसत्ता ने भारत में आतंकी हमलों की साजिश में अमरीका में एक भारतीय को 15 साल की सज़ा की खबर को पहले पन्ने पर जगह दी है.

खालिस्तान आंदोलन को दस्तावेज़ और संसाधन मुहैया करवाकर भारत में आतंकी हमलों की साज़िश रचने के लिए अमरीका में 42 साल के एक भारतीय नागरिक बलविंदर सिंह को 15 साल की सज़ा सुनाई है.

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