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तीसरी तिमाही में आर्थिक विकास दर 7% रहने का अनुमान
केंद्रीय सांख्यिकी संगठन (सीएसओ) के ताजा आंकड़े बताते हैं कि अक्टूबर से दिसम्बर यानी कारोबारी वर्ष की तीसरी तिमाही के दौरान आर्थिक विकास दर सात फ़ीसदी रहने का अनुमान है. हालांकि ये दूसरी तिमाही के 7.4 फीसदी से कम है.
वर्तमान वित्त वर्ष के लिए जीडीपी विकास दर 7.1 फ़ीसदी रहने का अनुमान लगाया गया है.
सीएसओ की ओर से मंगलवार को जारी आंकड़ों के मुताबिक देश की अर्थव्यवस्था पर नोटबंदी का मामूली प्रभाव देखने को मिला है.
सीएसओ के अनुसार दिसंबर में समाप्त मौजूदा वित्त वर्ष की तीसरी तिमाही में सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) की वृद्धि दर घटकर सात फ़ीसदी रहने का अनुमान है.
मंगलवार को जारी आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, दूसरी तिमाही में विकास दर 7.3 फ़ीसदी थी. तीसरी तिमाही की जीडीपी 30.28 लाख करोड़ रुपए रहने का अनुमान है.
सीएसओ के अनुसार वर्ष 2016-17 में कृषि और संबंधित क्षेत्र की वृद्धि दर 4.4 प्रतिशत रहने का अनुमान है जो पिछले वित्त वर्ष के मुकाबले 0.8 प्रतिशत ऊंची रह सकती है.
आर्थिक मामलों के सचिव शक्तिकांत दास के अनुसार, ''जीडीपी के ताजा आंकड़ों ने नोटबंदी से जुड़ी तमाम 'नकारात्मक भविष्यवाणियों' को गलत सिद्ध कर दिया है.''
सीएसओ के अनुसार सालाना आधार पर जीडीपी की ग्रोथ रेट में गिरावट आई है.
शक्तिकांत दास के मुताबिक मौजूदा आंकड़े जीडीपी ग्रोथ (वृद्धि) के नीचे जाने की आशंका को नकार रहे हैं. नोटबंदी का मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर पर कोई ख़ास असर नहीं हुआ है और नकदी को वापस सिस्टम में लाने की प्रक्रिया को भी लगभग पूरा कर लिया गया है.
वित्त वर्ष 2017 की तीसरी तिमाही में कृषि क्षेत्र की ग्रोथ रेट (वृद्धि दर) छह फ़ीसदी रही है .
वहीं मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर की ग्रोथ रेट इस वर्ष तीसरी तिमाही में 8.3 फ़ीसदी रही है जो बीते वर्ष की तीसरी तिमाही में 12.8 फ़ीसदी रही थी.
खनन क्षेत्र में मौजूदा वित्त वर्ष की तीसरी तिमाही में ग्रोथ रेट 7.5 फ़ीसदी रही है. जो बीते वर्ष इसी तिमाही में 13.3 फीसदी के स्तर पर थी.
भवन निर्माण क्षेत्र में ग्रोथ रेट 2.7 फ़ीसद रही है. जो बीते वर्ष 3.2 फ़ीसदी के स्तर पर थी.