You’re viewing a text-only version of this website that uses less data. View the main version of the website including all images and videos.
बीजेपी की दुखती रग का शिवसेना में हार्दिक स्वागत क्यों?
शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे ने कहा है कि अगर ज़रूरत पड़ी तो गुजरात में पाटीदार कोटा का आंदोलन चला रहे हार्दिक पटेल गुजरात विधानसभा चुनाव में शिवसेना का चेहरा होंगे.
उन्होंने ये भी कहा कि महाराष्ट्र में बीजेपी के साथ शिवसेना का गठबंधन 'नोटिस पीरियड' में है.
उद्धव ठाकरे ने ये बयान हार्दिक पटेल से अपने घर मातोश्री में मुलाक़ात के बाद दिया.
हार्दिक पटेल की उद्धव से मुलाक़ात को महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि मुंबई महानगरपालिका चुनाव में शिवसेना गुजराती समुदाय को अपनी ओर झुकाने की कोशिशों में लगी है.
उद्धव ठाकरे ने हार्दिक पटेल के साथ एक संयुक्त प्रेसवार्ता में कहा, "हार्दिक पटेल के साथ हमारी दोस्ती टिकाऊ होगी. जब तक दूसरा व्यक्ति संबंधों को नहीं तोड़ता हम उसका साथ नहीं छोड़ते. अगर ज़रूरत पड़ी तो हम गुजरात विधानसभा चुनाव भी मिलकर लड़ेंगे और हार्दिक हमारा चेहरा होंगे."
उद्धव ने संकेत दिए कि शिवसेना महाराष्ट्र सरकार से बाहर निकलने को तैयार है. वो बीजेपी के साथ सरकार में शामिल है. उद्धव ठाकरे ने कहा कि महाराष्ट्र सरकार अब 'नोटिस पीरियड' पर है.
उन्होंने कहा, "जैसे आचार संहिता एक निश्चित समय के लिए होती है, वैसे ही सरकार भी अब नोटिस पीरियड पर है. जब ये समय आएगा तो सबको पता चल जाएगा."
उद्धव ने कहा, "पिछले कुछ महीनों से हार्दिक सेना के संस्थापक बाला साहब को श्रद्धांजलि देना चाह रहे थे और इसीलिए वो मातोश्री आए. शिवसेना और हार्दिक न्याय की लड़ाई में साथ-साथ हैं."
मुलाक़ात के बाद हार्दिक पटेल ने कहा कि महाराष्ट्र योद्धाओं की भूमि रही है और मौजूदा लड़ाई सामाजिक बदलाव और लोगों को न्याय दिलाने की है.
पीटीआई के मुताबिक उद्धव ठाकरे ने कहा कि आगामी नगरपालिका चुनाव में बीजेपी के बिना चुनाव लड़ने का फ़ैसला इसलिए लिया जा रहा है क्योंकि गठबंधन में रहकर चुनाव लड़ने की वजह नहीं रह गई है.
उद्धव और हार्दिक की मुलाक़ात और संयुक्त प्रेस वार्ता में कही बातों के कई अर्थ लगाए जा रहे हैं.
बीबीसी संवाददाता सलमान रावी से बात करते वरिष्ठ पत्रकार समर खड़स ने कहा कि आनेवाले चार राज्यों के विधानसभा चुनाव में बीजेपी की हालत बहुत अच्छी नहीं है. ऐसे में शिवसेना 'हार्ड बारगेन' करना चाह रही है क्योंकि वो बीजेपी के पिछले रवैए से परेशान रही है.
उन्होंने कहा, "शिवसेना को महाराष्ट्र मंत्रिमंडल में अच्छी जगह नहीं मिली. बीजेपी हर दिन शिवसेना को तकलीफ़ दे रही है. कॉरपोरेशन में शिवसेना की जान अटकी है, वहां भी बीजेपी तंग कर रही है. बहुत बड़ी रणनीति के तहत शिवसेना ने हार्दिक पटेल से हाथ मिलाया है."
गुजरात चुनाव के संदर्भ में समर खड़स ने कहा कि शिवसेना गुजरात में बीजेपी के लिए बड़ी चुनौती तो नहीं खड़ी कर सकेगी, लेकिन वो वोट काटने का काम करेगी.
महाराष्ट्र में बीजेपी शिवसेना से आधी ताक़त भी नहीं रखती थी. आज उसकी ताक़त दोगुनी हो गई है. हालांकि महाराष्ट्र में ज़मीन पर शिवसेना अभी भी मज़बूत है.
खड़स का कहना है कि चार राज्यों के चुनाव के नतीजे आने पर अगर बीजेपी की हालत बहुत ख़राब होती है तो शिवसेना अपने पैंतरे बदल सकती है.
"मुंबई महानगर पालिका के चुनाव में शिवसेना अगर अपने दम पर चुनाव लड़ने का फ़ैसला करती है या फिर बीजेपी के बाद नंबर दो की पार्टी हो जाती है तब शिवसेना कोई बड़ा फ़ैसला ले सकती है."
उन्होंने कहा कि अभी शिवसेना का वक्त आ गया है तो वो उसका फ़ायदा उठाने की कोशिश कर रही है और इसी के तहत हार्दिक पटेल से हाथ मिला रही है.
समर खड़स का कहना था कि हार्दिक पटेल अगर चुनाव में किसी से हाथ मिलाते हैं या पार्टी बनते हैं या फिर किसी के साथ मिलकर चुनाव प्रचार करते हैं तो शिवसेना उनका साथ देगी. ऐसा उद्धव और हार्दिक की मंगलवार की मुलाकात से ज़ाहिर होता है.
मुंबई महानगर पालिका के लिए आनेवाले दिनों में चुनाव होने वाले हैं.
(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)