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जानिए मोदीजी अपने भाषणों में पंच कैसे लाते हैं?
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को मेरठ में एक चुनावी जनसभा में SCAM शब्द का प्रयोग कर अपने राजनीतिक विरोधियों पर हमला बोला.
इस शब्द का फ़ुलफ़ॉर्म बताते हुए उन्होंने कहा कि एस मतलब समाजवादी पार्टी, सी मतलब कांग्रेस, ए मतलब अखिलेश और एम मतलब मायावती.
हालांकि इसके जवाब में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री और समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने कानपुर की चुनावी सभा में कहा कि 'SCAM' का मतलब 'सेव दी कंट्री फ़्रॉम अमित शाह एंड मोदी'.
अगले दिन रविवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अलीगढ़ में थे. वहां की रैली में उन्होंने 'विकास' को एक नए तरह से परिभाषित किया. उन्होंने कहा कि उनके लिए विकास का मतलब विद्युत, क़ानून और सड़क है.
यह कोई पहला अवसर नहीं था कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मुहावरेदार और शब्दों को संक्षेप में कर अपनी बात कह रहे हों.
वो अपने भाषणों में अनुप्रास अलंकार और शब्दों का एक ख़ास पैटर्न बनाकर उपयोग करते रहे हैं. उनके भाषण देने की यह अदा उनके समर्थकों को पसंद आती है.
अनुप्रास का मतलब लगातार एक ही अक्षर से शुरू हुए शब्दों का इस्तेमाल है.
कांग्रेस पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए उन्होंने आरएसवीपी मॉडल का जिक्र किया था. उनका कहना था कि इस मॉडल से पांच साल में 1 लाख को 400 करोड़ तक बढ़ाया जा सकता है.
आरएसवीपी से उनका आशय राहुल गांधी, सोनिया गांधी, वाड्रा यानी की राबर्ट वाड्रा और प्रियंका से था.
इस तरह 2014 के लोकसभा चुनाव में उन्होंने 3 AK का जुमला उछाला था. वो एक-47, एके एंटनी और अरविंद केजरीवाल- 49 की बात कर रहे थे.
आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मुखर आलोचक हैं. दिल्ली में आप की पहली सरकार केवल 49 दिन ही चल पाई थी.
एके एंटनी कांग्रेस के नेतृत्व वाली यूपीए सरकार में रक्षा मंत्री थे. मोदी उनपर पाकिस्तान के प्रति नरम रुख अपनाने का आरोप लगाते हैं.
प्रधानमंत्री ने अपनी जापान यात्रा के दौरान 3 डी का इस्तेमाल करते हुए कहा कि भारत के पास तीन चीज़ें हैं- डेमोग्राफ़िक डिविडेंड, डेमोक्रेसी और डिमांड.
इसी तरह उन्होंने एक बार भारत के ब्रांड निर्माण की बात करते हुए 5 टी का ज़िक्र किया था. ये पांच टी है- टैलेंट (प्रतिभा), ट्रेडिशन (परंपरा), टूरिज़्म (पर्यटन), ट्रेड (कारोबार) और टेक्नोलॉजी (तकनीक).
इसी तरह उन्होंने बजट पर चर्चा करते हुए विकास के 3 एस को ज़रूरी बताया था. ये तीन एस थे समवेषक, सर्वदेशक, सर्वस्पर्शी. यानी विकास समावेषी होना चाहिए और सब तक पहुंचना चाहिए.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपनी सरकार के लिए 4पी मंत्र दिया था. उन्होंने इन चार पी को सुशासन के लिए ज़रूरी बताया था. ये पी थे- पीपल, प्राइवेट, पब्लिक, पाटर्नरिशप.
इससे पहले केवल पीपीपी यानी की प्राइवेट पब्लिक पार्टनरशिप की ही चर्चा होती थी. मोदी ने इसमें एक और पी यानी पीपल को जोड़ दिया.
उन्होंने लेह लद्दाख़ के लिए प्रकाश, पर्यावरण और पर्यटन यानी तीन पी का फ़ॉर्मूला दिया.
इसी तरह कपड़ा उद्योग पर चर्चा करते हुए उन्होंने पांच एफ़ का जिक्र किया यानी फ़ार्म से फ़ाइबर, फ़ाइबर से फ़ैब्रिक, फ़ैब्रिक से फ़ैशन, फ़ैशन से फ़ॉरेन.
पड़ोसी देश चीन से मुक़ाबले के लिए मोदी ने 3 एस का फार्मूला दिया यानी स्किल, स्केल और स्पीड.