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असम राइफ़ल्स के काफ़िले पर हमला, 2 जवानों की मौत
- Author, दिलीप कुमार शर्मा
- पदनाम, बीबीसी हिंदी डॉटकॉम के लिए
संदिग्ध चरमपंथियों ने तिनसुकिया ज़िले में असम राइफ़ल्स के काफ़िले पर घात लगा कर हमला किया. इस हमले में दो जवान मारे गए हैं.
सेना और पुलिस की जवाबी कार्रवाई में दो संदिग्ध चरमपंथी भी मारे गए.
असम के पुलिस महानिदेशक मुकेश सहाय ने घटना की पुष्टि की है.
उन्होंने बीबीसी से कहा कि तिनसुकिया ज़िले के जागुन के पास जयरामपुर में असम राइफल के जवानों पर घात लगाकर हमला किया गया.
इसमें दो जवानों की मौके पर ही मौत हो गई.
यह वारदात रविवार सुबह करीब साढ़े सात बजे उस समय हुई जब 13 वीं असम राइफल्स की रोड ओपनींग पार्टी के जवान जा रहे थे.
पुलिस महानिदेशक के मुताबिक़असम-अरुणाचल प्रदेश के सीमावर्ती इलाकों में संदिग्ध चरमपंथियों के साथ सेना और पुलिस की मठभेड़ जारी है. सभी आला अफ़सरों को मौके पर भेजा गया है.
असम-अरुणाचल प्रदेश का यह इलाका सूबे की राजधानी गुवाहाटी से क़रीब 570 किलोमीटर दूर है.
सेना ने कहा है कि इस हमले में कम से कम 3 जवान घायल भी हुए हैं.
पिछले साल नवंबर इसी ज़िले में सेना में कुमाऊं रेजिमेंट के जवानों पर हमला हुआ था, जिसमें तीन जवान मारे गए थे.
पुलिस महानिदेशक सहाय ने बीबीसी से कहा कि यह हमला चरमपंथी संगठन यूनाइटेड लिबरेशन फ्रंट ऑफ वेस्टर्न साउथ ईस्ट एशिया (यूएनएलएफडब्लू) के लोगों ने किया है.
इस संगठन में वे गुट शामिल हैं जो भारत के साथ किसी तरह की बातचीत का विरोध करते हैं. इनमें एनएससीएन (खापलांग), उल्फा (आई), मणिपुर का चरमपंथी संगठन कोरकोम प्रमुख है. मुठभेड़ में मारे गए दोनों चरमपंथी मणिपुरी है.
नागा चरमपंथी संगठन एनएससीएन (खापलांग) ने साल 2015 में भारत सरकार के साथ चल रही बातचीत बीच में ही तोड़ दी थी.
उसने उसके बाद पूर्वोत्तर राज्यों के कई अलगाववादी संगठनों को साथ लेकर यूएनएलएफडब्लू का गठन किया. अब तक यूएनएलएफडब्लू ने मणिपुर, नगालैंड समेत असम और अरुणाचल प्रदेश में सेना पर कई हमले किए हैं.
सेना के गुवाहाटी में तैनात जनसंपर्क अधिकारी कर्नल सुनीत न्यूटन ने कहा कि चरमपंथियों के ख़िलाफ़ कड़ा अभियान छेड़ा गया है.