अमेठी में 11 लोगों की मौत पर पुलिस है हैरान

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उत्तर प्रदेश के अमेठी ज़िले में एक परिवार के मुखिया समेत 11 लोगों की मौत ने पुलिस को भी हैरान कर रखा है.
बुधवार सुबह को हुई इस घटना में अमेठी के महोना क़स्बे में एक ही परिवार के 11 लोग अपने घर में मृत पाए गए.
इनमें छह बच्चे, दो लड़कियां और दो महिलाएं थीं. इन सभी के गले पर धारदार हथियारों के निशान पाए गए थे.
दूसरी ओर, परिवार के मुखिया का शव भी फंदे से लटका मिला. उनकी दूसरी पत्नी और बेटी को ज़ख़्मी हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया है.

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अमेठी के पुलिस सुपरिटेंडेंट संतोष कुमार सिंह ने बीबीसी को बताया कि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में परिवार के मुखिया जमालुद्दीन की मौत गले में फंदा लगाने से हुई. दूसरे लोगों पर हमला करने के पहले उन्हें कोई नशीली चीज़ खिलाए जाने की पुष्टि हुई है.
संतोष कुमार सिंह ने कहा, "घटना के कारणों का अभी पता नहीं चला है, लेकिन यह साफ़ है कि परिवार की माली हालत ठीक नहीं थी. उन्होंने बताया कि जगदीशपुर क़स्बे में बैटरी की छोटी सी दुकान जमालुद्दीन की थी. उससे होने वाली आमदनी से ही पूरे परिवार का भरण-पोषण होता था."
जमालुद्दीन के दो भाई बाहर रहते हैं और उनके बारे में अभी पुलिस के पास ख़ास जानकारी नहीं है. कहा जा रहा है कि एक भाई पिछले सात साल से लापता थे, वे घटना के बाद अचानक गांव पहुंचे हैं. लेकिन पुलिस ने इसकी पुष्टि नहीं की है.

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इस बीच, मामले को राजनीतिक रंग देने की भी कोशिश की जा रही है.
लोगों का आरोप है कि यह वारदात किसी बड़ी साज़िश का हिस्सा है. घटना की सूचना मिलते ही लोगों का गुस्सा फूट पड़ा. कई गाड़ियों को आग लगा दी गई. बड़ी संख्या में पहुंचे पुलिस जवानों ने हालत पर काबू कर लिया है.
वहीं कांग्रेस पार्टी ने इस हत्याकांड की जांच सीबीआई से कराने की मांग की है. कांग्रेस के ज़िला प्रवक्ता अनिल सिंह ने बताया कि इस वारदात की पूरी सूचना पार्टी हाईकमान को दे दी गई है.
अमेठी कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी का संसदीय क्षेत्र है. राज्य की समाजवादी सरकार में चर्चित मंत्री गायत्री प्रजापति यहां से विधायक हैं.












