You’re viewing a text-only version of this website that uses less data. View the main version of the website including all images and videos.
बेंगलुरू छेड़छाड़ मामले में चार गिरफ़्तार
बेंगलुरु के पुलिस कमिश्नर प्रवीण सूद ने कहा है कि 31 दिसंबर की रात महिलाओं के साथ छेड़छाड़ के आरोप में चार लोगों को गिरफ़्तार कर लिया गया है.
पुलिस का मानना है कि इसमें छह संदिग्ध शामिल थे. बाकी दो लोगों की पहचान की जा चुकी है और उन्हें जल्द ही गिरफ़्तार कर लिया जाएगा.
इससे पहले बीबीसी संवाददाता योगिता लिमये से हुई बातचीत में सूद ने बड़े पैमाने पर छेड़छाड़ की घटना को सिरे से खारिज कर दिया था.
उन्होंने कहा था कि मीडिया में जिसे व्यापक पैमाने पर यौन हमले के सबूत के रूप में दिखाया जा रहा है, वह दरअसल हुड़दंगियों पर पुलिस का लाठीचार्ज है.
सूद ने थोड़ी देर पहले कहा है कि गिरफ़्तार लोगों में रेस्तरां के दो डेलीवरी ब्वॉयज़, एक हेल्पर और एक ड्राइवर हैं.
उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि किसी ने इस मामले में शिकायत दर्ज़ नहीं कराई है. पुलिस ने ख़ुद घटना का संज्ञान लेकर मामला दर्ज किया और छानबीन शुरू की.
उन्होंने कहा कि इससे लोगों में यह संकेत जाना चाहिए कि पुलिस उनकी मदद के लिए है. लोगों में पुलिस के प्रति भरोसा बढना चाहिए.
सूद ने कहा कि हमले का मुख्य अभियुक्त अयप्पा है. पुलिस छेड़छाड़ की शिकार हुई महिला के संपर्क में है.
छेड़छाड़ को लेकर एक सीसीटीवी फुटेज सामने आया है. इसमें साफ दिख रहा है कि मोटरसाइकल सवार दो युवक एक लड़की के साथ छेड़छाड़ कर रहे हैं. यौन हमले के बाद ये दोनों युवक लड़की को वहीं गिरा कर मोटरसाइकल से फ़रार हो जाते हैं.
सूद ने कहा,"एक नागरिक ने सीसीटीवी फुटेज मुहैया कराया था. उसके घर के सामने यह छेड़छाड़ हुई थी. हमने इसे गंभीरता से लिया. इस फुटेज से साफ़ पता चल रहा है कि यौन हमला हुआ है."
उन्होंने कहा कि पुलिस ने रिकॉर्ड देखने के बाद लोकेशन का पता लगाया और शिकायत दर्ज़ करने का इंतज़ार किए बग़ैर अपने स्तर से ही कार्रवाई शुरू कर दी थी.
(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉयड ऐप के लिए यहां क्लिक करें. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)