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समाजवादी दंगल: आज क्या-क्या हुआ?
पिछले तीन दिनों से समाजवादी पार्टी में तख़्तापलट का खेल चल रहा है. रविवार को रामगोपाल यादव की तरफ से बुलाए गए पार्टी अधिवेशन में मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को समाजवादी पार्टी का राष्ट्रीय अध्यक्ष घोषित कर दिया गया.
इसकी प्रतिक्रिया में मुलायम सिंह ने तीसरी बार रामगोपाल यादव को पार्टी से निकालने की घोषणा की.
अब तक के घटनाक्रम पर एक नज़र-
- मुलायम सिंह ने इस अधिवेशन को पार्टी के संविधान के ख़िलाफ़ बताया है.
- इसी अधिवेशन में अखिलेश की मौजूदगी में रामगोपाल यादव ने शिवपाल को यूपी प्रदेश अध्यक्ष पद से हटाने का प्रस्ताव पेश किया और अमर सिंह को बाहर करने की घोषणा की.
- शिवपाल की जगह नरेश उत्तम को अखिलेश ने यूपी अध्यक्ष बनाया है. मुलायम सिंह ने अखिलेश के करीबी माने जाने वाले किरणमय नंदा और नरेश अग्रवाल को पार्टी से निकाल दिया.
- पीटीआई के मुताबिक़ मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के समर्थकों ने लखनऊ में पार्टी मुख्यालय को अपने कब्जे में ले लिया है. यहां से शिवपाल यादव की नेमप्लेट उखाड़ दी गई.
- इन घटनाओं से पता नहीं चल पा रहा है कि समाजवादी पार्टी की कमान अब किसके हाथ में है. दोनों खेमों से अलग-अलग फ़ैसले आ रहे हैं. मुलायम सिंह ने रामगोपाल और अखिलेश की तरफ से बुलाए गए पार्टी अधिवेशन को अवैध करार दिया है.
- रविवार के अधिवेशन में हज़ारों समर्थकों और दर्जनों विधायकों की मौजूदगी में अखिलेश को पार्टी की कमान सौंपने का एलान किया गया. इस अधिवेशन में मुलायम सिंह को पार्टी संरक्षक की भूमिका दी गई.
- अधिवेशन में हुए सारे फ़ैसलों को खारिज करते हुए मुलायम सिंह ने पांच जनवरी को पार्टी का सम्मेलन बुलाया है.
- अखिलेश ने कहा कि लोग नेताजी के ख़िलाफ़ साजिश करेंगे तो उनका फर्ज है कि वह इसे बेनकाब करें. उन्होंने कहा कि वह अपने पिता और पार्टी के ख़िलाफ़ साजिश बर्दाश्त नहीं करेंगे.
- अखिलेश ने कहा कि उन्हें नेताजी ने समाजवादी पार्टी को एक बार फिर से सत्ता में लाने का काम दिया है और इसे पूरा करने में वह कोई कसर बाकी नहीं रखेंगे. उत्तर प्रदेश देश की सबसे ज़्यादा आबादी वाला राज्य है और यहां इसी साल विधानसभा चुनाव होने हैं.
- अखिलेश ने कहा कि यदि समाजवादी पार्टी फिर से सत्ता में वापसी करती है तो सबसे ज़्यादा उनके पिता को खुशी होगी.
पिछले तीन दिनों में समाजवादी पार्टी में अप्रत्याशित नाटकीय घटनाक्रम हुए हैं. शुक्रवार को मुलायम सिंह ने अपने बेटे अखिलेश और चचेरे भाई रामगोपाल यादव को पार्टी से निकाला था और शनिवार को निष्कासन रद्द कर दिया था.
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