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अखिलेश और रामगोपाल यादव की समाजवादी पार्टी में वापसी
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव और रामगोपाल यादव को समाजवादी पार्टी में वापस ले लिया गया है.
समाजवादी पार्टी के उत्तर प्रदेश अध्यक्ष शिवपाल सिंह यादव ने ट्वीट करके इसकी जानकारी दी है.
'झगड़े को लेकर सबसे ज्यादा चिंतित हैं मुसलमान'
मुलायम सिंह के साथ शनिवार दोपहर बैठक करने के बाद आज़म खान ने लखनऊ में प्रेस कांफ्रेंस की. उन्होंने कहा कि पार्टी के आंतरिक झगड़े को लेकर यूपी का मुसलमान सबसे ज्यादा चिंतित है, क्योंकि सपा अगर कमजोर होती है, तो यूपी में भाजपा को बढ़त मिलेगी.
इसके बाद आज़म खान ने कहा कि समाजवादी पार्टी एक है. इस वक्त सब ठीक हो गया है और आगे भी ठीक रहने की उम्मीद है.
आख़िर में आज़म खान बोले, "वैसे भी जब बच्चा रूठता है, तो बाप को ही जाना होता है मनाने के लिए."
इस घटनाक्रम से संबंधित अन्य मुख्य बातें:
- रामगोपाल यादव का बुलाया गया पार्टी सम्मेलन रद्द किया गया: शिवपाल
- शिवपाल यादव ने दावा किया कि सब पुरानी बातें ख़त्म हो गई हैं.
- मुलायम सिंह के घर हुई पार्टी बैठक में लिया गया फ़ैसला: शिवपाल
- कल आपातकालीन राष्ट्रीय प्रतिनिधि सम्मेलन ज़रूर आयोजित होगा: रामगोपाल यादव
- रामगोपाल ने कहा, निष्कासित होने और पार्टी में वापस लिए जाने से पहले सम्मेलन करने का फ़ैसला हुआ था.
- इसका आयोजन लोहिया विश्वविद्यालय की बजाय लखनऊ के जनेश्वर मिश्र पार्क में होगा.
- दोनों का पार्टी में वापस आना सुखद समाचार है: अमर सिंह
- अब सपा का कांग्रेस से गठबंधन और हो जाए, तो जीत पक्की: लालू प्रसाद यादव
- लालू ने दावा किया कि उन्होंने फ़ोन कर मुलायम सिंह से इस पारिवारिक मामले को संभालने का आग्रह किया.
इन ख़बरों को भी देखें:
समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक़ शिवपाल सिंह यादव का कहना है कि आगामी विधानसभा चुनाव के लिए पार्टी के उम्मीदवारों पर दोबारा विचार किया जाएगा.
समाजवादी पार्टी में मौजूदा झगड़ा टिकटों के आवंटन को लेकर ही शुरू हुआ था.
इसके बाद शुक्रवार को देर शाम रामगोपाल यादव और अखिलेश यादव को पहले कारण बताओ नोटिस दिया गया और कुछ देर बाद ही मुलायम सिंह यादव ने प्रेस कांफ्रेंस करके दोनों को पार्टी से छह साल के लिए निष्कासित करने की घोषणा कर दी.
ये कार्रवाई गुरुवार को अखिलेश यादव की ओर से घोषित उम्मीदवारों की लिस्ट के कारण की गई. पार्टी ने इसे अनुशासनहीनता करार दिया था.
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