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सुप्रीम कोर्ट ने हाइवे पर शराब बिक्री को किया बैन
सुप्रीम कोर्ट ने अप्रैल महीने से हाइवे पर शराब की दुकानों को बंद करने का आदेश दिया है.
कोर्ट का यह फ़ैसला देश के सभी हाइवे पर लागू होगा.
हाइवे पर जो दुकानें अभी हैं उनके लाइसेंस को फिर से बहाल नहीं किया जाएगा.
अब शराब की दुकानें कम से कम स्टेट और नेशनल हाइवे से 500 मीटर की दूरी पर होंगी. इस फ़ैसले को लागू करने की ज़िम्मेदारी चीफ़ सेक्रेटरी और स्टेट पुलिस चीफ़ को दी गई है.
यह निर्णय सड़क सुरक्षा को सुनिश्चित करने के लिहाज़ से अहम है.
चीफ़ जस्टिस टीएस ठाकुर की अध्यक्षता वाली बेंच ने यह फ़ैसला दिया है.
जस्टिस ठाकुर ने कहा था कि राज्यों ने केंद्र सरकार की उस सलाह की उपेक्षा की है जिसमें कहा गया था कि सरकारें हाइवे पर शराब की दुकान के लिए लाइसेंस जारी नहीं करे.
सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि राज्य सरकारों ने हाइवे पर शराब की दुकानों के लिए खूब लाइसेंस दिया है.
पहली बार केंद्र सरकार ने इस मामले में 2007 में राज्यों को इस मामले में नोटिस भेजा था.
जस्टिस टीएस ठाकुर ने कहा, ''राष्ट्रीय और राज्य हाइवे को शराब की बिक्री और विज्ञापन से मुक्त होना चाहिए. हमने सभी हाइवे अथॉरिटी को निर्देश दिया है कि शराब से जुड़े सारे होर्डिंग्स हटाए जाएं. इन होर्डिंग्स से ध्यान बंटता है और ये बिल्कुल नहीं दिखने चाहिए. सड़कों पर इन होर्डिंग्स का दिखना लालच को उकसाने की तरह है.''
इस मामले में पंजाब सरकार के वकील को भी कोर्ट की फटकार का सामना करना पड़ा था. सुप्रीम कोर्ट ने पंजाब सरकार से कहा था कि आप शराब लॉबी के समर्थन में बोल रहे हैं.
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