नोटबंदी के लिए ये हैं मोदी के सिपहसालार?

    • Author, प्रशांत चाहल
    • पदनाम, बीबीसी संवाददाता, दिल्ली

जानकार मानते हैं कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का नोटबंदी का फ़ैसला आने से पहले एक ख़ास टीम ने कई महीने तक इस विषय पर काम किया. केंद्र सरकार कई बार यह दावा भी पेश कर चुकी है.

हाल ही में न्यूज़ एजेंसी रॉयटर्स ने भी यह जानकारी साझा की है कि नरेंद्र मोदी ने ख़ुद इस गुप्त टीम का चयन किया था, जिसके प्रमुख संभवत: हसमुख अधिया रहे.

लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अलावा कौन हैं वो नाम, जो केंद्र सरकार के नोटबंदी के फ़ैसले को अंजाम तक पहुँचाने के लिए सिपहसालार रहे, डालिए एक नज़र:

हसमुख अधिया

'योग' विषय में पीएचडी हासिल करने वाले डॉक्टर हसमुख अधिया गुजरात काडर के आईएएस अफसर रहे हैं. वो 1981 बैच के आईएएस हैं.

साल 2004-2006 के बीच हसमुख गुजरात के तत्कालीन मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी के मुख्य सचिव भी रहे.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और हसमुख के बीच अच्छी दोस्ती बताई जाती है. बताया जाता है कि मोदी को योग की ओर आकर्षित करने का काम भी हसमुख ने ही किया.

हसमुख को सितंबर, 2015 में भारतीय वित्त मंत्रालय ने राजस्व सचिव बनाया.

ग्लोबल इनवेस्टर समिट में जीएसटी पर बात करते हुए हसमुख ने पूरी व्यवस्था को कैशलेस बनाने की बात कही थी. हसमुख इलेक्ट्रॉनिक माध्यमों की मदद से पैसे के लेन-देन के पुराने हिमायती माने जाते हैं.

शक्तिकांत दास

आठ नवंबर को हुए नोटबंदी के आदेश के बाद, तमाम छोटे-बड़े ऐलान लेकर आर्थिक मामलों के सचिव शक्तिकांत दास मीडिया से मुख़ातिब होते रहे हैं.

आम जनता उनके नाम और चेहरे से इसी तरह वाकिफ़ है. इस बड़े फ़ैसले की बारीकियां मीडिया को समझाने का काम भी दास ने ही किया.

दास 1980 बैच के आईएएस अफ़सर हैं और तमिलनाडु काडर में रहे हैं. साल 2008 से वो केंद्र सरकार के लिए काम कर रहे हैं. करीब 35 साल लंबे करियर में टैक्स, इंडस्ट्री और फ़ाइनेंस संबंधित विभागों में वो कार्यरत रहे हैं.

दास को वित्तमंत्री अरुण जेटली का ख़ास बताया जाता है. कई सार्वजनिक मौकों पर जेटली ने उनके प्रशासनिक कार्यकौशल की तारीफ भी की है.

उर्जित आर. पटेल

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार में डॉक्टर रघुराम राजन की जगह 24वें आरबीआई गवर्नर बनाए गए डॉक्टर उर्जित आर. पटेल की नोटबंदी के फ़ैसले में अहम भूमिका मानी जाती है.

जारी की गई नई करेंसी पर उर्जित पटेल के दस्तख़त हैं और माना जाता है कि मोदी के इस सीक्रेट फ़ैसले में उर्जित पटेल ने अपने फ़ाइनेंस सेक्टर में करीब 17 साल के तजुर्बे से आवश्यक इनपुट दिए.

उर्जित पटेल के बारे में एक ख़ास बात यह भी कही जाती है कि उनकी कार्यशैली के मुरीद नरेंद्र मोदी ही नहीं, मनमोहन सिंह भी रहे हैं.

अरविंद सुब्रमण्यन

जानकार मानते हैं कि भारतीय मूल के अमरीका बेस्ड अर्थशास्त्री अरविंद सुब्रमण्यन का नाम भी नरेंद्र मोदी के मुख्य 'गुप्त' सलाहकारों की फ़ेहरिस्त में शामिल हैं.

आजकल अरविंद सुब्रमण्यन भारत के वित्त मंत्रालय में मुख्य आर्थिक सलाहकार हैं. वो आरईपीर्इसी रैंकिंग के मुताबिक़, मौजूदा समय में विश्‍व के शीर्ष एक फीसदी विद्वान अर्थशास्त्रियों में शामिल हैं.

साथ ही वो भारतीय रिजर्व बैंक और अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष के साथ काम करने का तजुर्बा रखते हैं.

दरों पर काबू पाने के लिए भारत सरकार के नोटबंदी के फ़ैसले की अरविंद सुब्रमण्यन सराहना कर चुके हैं.

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