You’re viewing a text-only version of this website that uses less data. View the main version of the website including all images and videos.
एआईएडीएमके चाहती है कि शशिकला संभाले कमान
- Author, इमरान कुरैशी
- पदनाम, वरिष्ठ पत्रकार, बीबीसी हिंदी डॉट कॉम के लिए
तमिलनाडु की पूर्व मुख्यमंत्री जयललिता के निधन के बाद वी के शशिकला को एआईएडीएमके का नेता बनाने की मांग उठने लगी है.
एआईएडीएमके ने अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडल पर लिखा है कि पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने शशिकला से आग्रह किया है कि उसी रास्ते पर पार्टी का नेतृत्व करें जो पुरूथी थलवी अम्मा ने दिखाया था.
लेकिन सोशल मीडिया पर पार्टी के इस ट्वीट पर नकारात्मक प्रतिक्रियाएं आ रही हैं.
विश्लेषकों ने इसे दबाव की रणनीति बताया है जिसे पार्टी काडर स्वीकार नहीं करेगा.
एआईएडीएमके की प्रवक्ता सीआर सरस्वति ने बीबीसी को बताया, ''आज हमने चिन्नमा (मौसी) से मुलाक़ात की और उनसे ये आग्रह किया क्योंकि पार्टी को तुरंत नेतृत्व की ज़रुरत है. सोशल मीडिया पर इसे लेकर अटकलें तेज़ हैं.''
सरस्वति का कहना था, ''अम्मा(जयललिता) के साथ वे पिछले 35 सालों से रहीं हैं. और चिन्नमा सब कुछ जानती हैं कि उन्हें क्या पसंद था, वे लोगों के लिए क्या करना चाहती थीं. वो उनके साथ तब भी थीं जब जयललिता सत्ता में नहीं थीं. वे मुश्किलों के दिनों में भी अम्मा के साथ थीं. ऐसे में अगर कोई नया व्यक्ति पार्टी की कमान संभालेगा तो पता नहीं वो कैसे पार्टी चला पाएगा.''
उनका कहना था, ''हां, हम चाहते हैं कि वे पार्टी की महासचिव बनें.''
हालांकि शशिकला की तरफ़ से इसपर कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है.
लेकिन सरस्वति को उम्मीद है कि जब इस महीने में पार्टी की बैठक होगी तो वो इस पर अपनी राय ज़रूर रखेगीं.
पार्टी की प्रवक्ता का कहना था कि उन्हें नहीं लगता कि महासचिव और विधायक दल का नेता एक ही समुदाय का होगा तो उससे कोई दिक्क़त होगी.
शशिकला और पनीरसेल्वम दोनों ही थेवर समुदाय से आते हैं और ये समुदाय दक्षिणी तमिलनाडु में काफी प्रभावशाली है.
सरस्वति के अनुसार एआईएडीएमके को कभी भी जाति या समुदाय से कोई दिक्क़त नहीं हुई है. वे तर्क देती है कि क्या कभी किसी ने ये कहा कि अम्मा ब्राह्मण थीं. हमारी पार्टी जाति और धर्म से परे है.
हालांकि, राजनीतिक विश्लेषक इस क़दम को दो नज़रिए से देख रहे हैं.
ऑब्ज़र्वर रिसर्च फाउंडेशन चेन्नई के निदेशक एन सत्यमूर्ति कहते हैं, "हमें ये देखने के लिए इंतज़ार करना होगा कि क्या पूरी पार्टी शशिकला के साथ है. इसकी अभी जानकारी नहीं है. ऐसा तो नहीं कि कहीं एक धड़ा दूसरे धड़े को परे करने की कोशिश में है. सुप्रीम कोर्ट में आय से अधिक संपत्ति का मामला भी लंबित है जिसमें शशिकला अभियुक्त नंबर दो हैं. इस मामले में अंतिम आदेश आना है. पार्टी या फिर शशिकला जल्दीबाजी में नहीं होंगे."
इस मामले में वरिष्ठ विश्लेषक केएन अरुण का नज़रिया अलग है.
वो कहते हैं, "वरिष्ठ या फिर मझोले स्तर के नेता शशिकला का समर्थन कर सकते हैं लेकिन ज़मीनी स्तर पर उनका आधार उतना नहीं है. ज़मीनी स्तर पर जो राय है वो ये है कि जयललिता के साथ जितनी नकारात्मक बातें जुड़ी थीं, उनकी वजह शशिकला हैं. दो आला नेता एक ही समुदाय से होने की वजह से पार्टी को जातिगत आधार पर ध्रुवीकरण का सामना करना होगा."
पार्टी की ओर से किए गए ट्वीट के जवाब में एक प्रतिक्रिया थी, "वाहियात फ़ैसला. एआईएडीएमके का अंत."
सुमन नाम के एक अन्य अकाउंट से ट्वीट किया गया, " कहते हुए अफसोस हो रहा है कि आज से एक समर्थक के तौर पर मैं एआईएडीएमके का साथ छोड़ रही हूं. कोई अम्मा की जगह नहीं ले सकता. अन्ना, एमजीआर, अम्मा, गुडबॉय."
(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)