You’re viewing a text-only version of this website that uses less data. View the main version of the website including all images and videos.
भिखारी भी कर रहे स्वाइप मशीन का प्रयोग: मोदी
मुरादाबाद की रैली में नोटबंदी पर बोलते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक भिखारी का क़िस्सा बताया जो उनके मुताबिक़ स्वाइप मशीन - यानी क्रेडिट या डेबिट कार्ड स्वाइप मशीन का इस्तेमाल करता है.
नरेंद्र मोदी ने कहा कि उन्हें किसी ने एक वीडियो दिखाया है जिसमें दानकर्ता ने जब ये कहा कि उनके पास खुले पैसे नहीं हैं तो भिखारी ने अपने पास से स्वाइप कार्ड मशीन निकालकर उन्हें थमा दिया.
हालांकि प्रधानमंत्री का कहना था कि ये वीडियो उन्हें किसी ने व्हाट्सऐप पर दिखाया था और लोग तो जानते हैं कि उसपर हर तरह की चीज़े आती हैं, यानी उसकी सत्यता की उनकी जानकारी नहीं है.
शनिवार की रैली में उन्होंने ये भी कहा कि वो 'फक़ीर' हैं और ग़रीबों की लड़ाई लड़ रहे हैं.
उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद रैली में मोदी ने कहा, " मैं लड़ाई लड़ रहा हूं आपके लिए. ज्यादा से ज्यादा ये मेरा क्या कर लेंगे? हम तो फ़कीर आदमी हैं झोला लेकर चल पड़ेंगे. ये फ़कीरी है जिसने मुझे ग़रीबों के लिए लड़ने के लिए ताक़त दी है."
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बीती 8 नवंबर को 500 और 1000 रूपये के नोट रद्द करने का एलान किया था. सरकार के फ़ैसले पर विपक्षी दल लगातार सवाल उठा रहे हैं. विपक्षी दल लोगों को हो रही दिक्क़त का मुद्दा उठाते हुए केंद्र सरकार को कठघरे में खड़ा कर रहे हैं. इसे लेकर संसद के शीतसत्र की कार्यवाही भी बाधित हो रही है.
प्रधानमंत्री मोदी ने विपक्षी दलों का ज़िक्र किए बिना कहा कि जो काम 70 साल में नहीं हुआ. उसे करने में भी तकलीफ़ तो होगी.
उन्होंने कहा, "जनता ही मेरा हाईकमान है. ना मेरा कोई नेताजी है. जो है आप ही लोग हैं. बैंक के बाहर वो कतार लगाता है जिसमें ईमानदारी का माद्दा होता है. बेईमान लोग ग़रीबों के घर के बाहर चोरी-छुपकर क़तार लगा रहे हैं."
इसके पहले भी प्रधानमंत्री मोदी नोटबंदी के मुद्दे पर अपनी राय रख चुके हैं. जापान दौरे पर 12 नवंबर को भारतीय मूल के लोगों के बीच भी मोदी ने नोटबंदी से हो रही दिक्कतों का जिक्र अलग अंदाज़ में किया था. मोदी ने कहा था
- ये ठीक है कि पाप करने वालों की संख्या ज़्यादा नहीं है. लाख दो लाख, पांच लाख होगी. लेकिन मुसीबत करोड़ों देशवासियों को हो रही है. इसके बावजूद वो झेलने को तैयार हैं.
- पहले गंगाजी में कोई चवन्नी नहीं डालता था, अब नोट बह रहे हैं. लेकिन आप मुझे बताइए कि चोरी का पैसा बाहर निकालना चाहिए या नहीं.
मोदी ने जापान से लौटने के अगले दिन यानी 13 नवंबर को गोवा में लोगों से 50 दिन मांगे. उन्होंने कहा
- हर आदमी ये कह रहा है कि मुसीबत हो रही है. पर इससे देश का भला होगा.
- भारत के लोग 30 दिसंबर तक काले धन के ख़िलाफ 'मुहिम' में साथ दें.
- पचास पचास दिन का समय दीजिए. ये देश वैसा हो जाएगा जैसा आप चाहते थे. अगर उसके बाद मुझमें कोई ग़लती दिखे तो जो चाहिए सज़ा दें.
इसके बाद मोदी ने 13 नवंबर को ही कर्नाटक के बेलगाम में कांग्रेस के विरोध पर चुटकी ली. उन्होंने कहा
- मैं हैरान हूं...कांग्रेस के लोग कह रहे हैं कि आपने 500, 1000 के नोट बंद कर दिए. आपने जब चवन्नी बंद की थी, मैंने पूछा था. आपको मालूम है कांग्रेस पार्टी ने चवन्नी बंद की थी. इस देश में तो कोई नहीं चिल्लाया.
- ठीक है...आपकी ताक़त उतनी थी. बंद करने को लेकर तो आप भी सहमत थे, लेकिन बड़े नोट बंद करने की आपकी ताक़त नहीं थी, इसलिए चवन्नी से गाड़ी चला ली थी.''
इसके बाद प्रधानमंत्री मोदी ने 25 नवंबर को विपक्ष की आलोचना का जवाब देते हुए चुटकी ली कि जो लोग काले धन के इंतज़ाम की तैयारी नहीं कर पाए पीड़ा उन्हें हो रही है. संविधान के डिजिटल संस्करण के विमोचन के मौके पर उन्होंने कहा
- लोगों की शिकायत है कि हमने नोटों को रद्द करने से पहले ठीक से तैयारी नहीं की, लेकिन उनकी पीड़ा यह नहीं है. पीड़ा यह है कि हमने उन्हें तैयारी करने का समय नहीं दिया.
- देश की कुल आबादी में 65 फ़ीसदी लोग युवा हैं और करोड़ों के पास स्मार्टफ़ोन हैं, ऐसे में हमें डिज़िटल करेंसी को बढ़ावा देना चाहिए.
(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए यहां क्लिक करें. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पर भी फ़ॉलो कर सकते हैं.)