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नलिनी- 'प्रियंका गांधी बहुत गुस्सा हो गई थीं'
- Author, के मुरलीधरन
- पदनाम, बीबीसी तमिल सेवा
राजीव गांधी हत्याकांड में आजीवन कारावास की सज़ा काट रही नलिनी श्रीहरण ने बताया है कि साल 2008 में उनके साथ हुई मुलाक़ात के दौरान प्रियंका गांधी बेहद गुस्से में थीं. साथ ही वे उनके जवाबों से असंतुष्ट भी थीं.
'राजीव असेसिनेशन: हिडन ट्रूथ्स एंड प्रियंका-नलिनी मीटिंग' नामक किताब में नलिनी ने राजीव गांधी की बेटी संग हुई मुलाकात की बातें विस्तार से लिखी हैं.
बीबीसी ने नलिनी की आत्मकथा के इस अध्याय को पढ़ा है. ये किताब अगले हफ़्ते चेन्नई में रिलीज़ हो रही है.
प्रियंका गांधी ने वेल्लूर जेल में साल 2008 में नलिनी से मुलाक़ात की थी और उसकी खूब चर्चा हुई थी.
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किताब के मुताबिक़, नलिनी ने ख़ुद को निर्दोष साबित करने के लिए ज़रूरी सबूत और काग़ज़ात प्रियंका गांधी को दिए थे.
उन्होंने यह भी दावा किया था कि 21 मई 1991 को राजीव गांधी की हत्या की साज़िश रचने में ना वो और ना उनके पति शामिल थे.
उनके मुताबिक, हत्या होने तक तो उन्हें साज़िश की कोई जानकारी ही नहीं थी.
नलिनी ने लिखा है कि जब उन्होंने मौत की सज़ा का इंतजार कर रहे संतन और पेरारीवालन के बारे में बोलना शुरू किया तो प्रियंका को बहुत गुस्सा आ गया.
नलिनी को यह अंदेशा नहीं था कि प्रियंका इस तरह गुस्सा हो जाएंगी या उनके जवाब से असंतुष्ट होंगी.
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यह मुलाक़ात तकरीबन 75-80 मिनट तक चली.
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वरिष्ठ पत्रकार पी एकालयवन ने किताब का संपादन किया है और याझ पतिप्पकम की ओर से इसे छापा गया है.
राजीव गांधी हत्याकांड में संतन, मुरुगन, पेरारीवालन और नलिनी को मौत की सज़ा सुनाई गई थी.
पहले नलिनी की सज़ा घटाकर आजीवन कारावास में तब्दील कर दी गई थी. बाद में दूसरे लोगों की मौत की सज़ा को भी उम्र क़ैद में बदल दिया गया था.
साल 1991 में 21 मई को चेन्नई के क़रीब श्रीपेरूमबदूर में हुए आत्मघाती हमले में राजीव गांधी की हत्या कर दी गई थी.
एसआईटी ने अपनी जांच में इस हमले के लिए एलटीटीई को दोषी माना और सुप्रीम कोर्ट ने भी इसे दुरुस्त ठहराया.
जांच में पाया गया था कि नलिनी, राजीव की हत्या करने वाले पांच सदस्यीय दल की सदस्य थीं.