You’re viewing a text-only version of this website that uses less data. View the main version of the website including all images and videos.
रेलवे मंत्रालय कर रहा है 'हैपीनेस छलावा'
- Author, नीरज सहाय
- पदनाम, बीबीसी हिंदी डॉट कॉम के लिए
अगर किसी रेलवे जंक्शन को हैपीनेस जंक्शन घोषित किया जाए तो पहली नज़र में यही लगता है कि इस जंक्शन के किसी कोने में आप जाएं तो ख़ुश हो जाएंगे. लेकिन क्या वाक़ई ऐसा है? यही जानने के लिए सोनपुर रेलवे जंक्शन की तहक़ीक़ात की. उत्तर बिहार के सोनपुर रेलवे जंक्शन को पूर्व मध्य रेलवे ने 18 अक्तूबर को हैपीनेस जंक्शन घोषित किया है.
स्टेशन के प्लेटफ़ॉर्म पर थोड़ी सफ़ाई दिखती है. हालांकि यहां ट्रेन पकड़ने आए रामनाथ शिकायत करते हैं कि जंक्शन पर सिर्फ़ एक शौचालय है. महिलाओं के लिए कोई ख़ास व्यवस्था नहीं है. घर में शौचालय बनाने और इस्तेमाल करने के प्रचार में लगी केंद्र सरकार के रेलवे मंत्रालय ने हैपीनेस जंक्शन लिखवाने से पहले महिलाओं के लिए शौचालय बनाने का भी ख़्याल नहीं रखा.
स्टेशन के बाहर और प्लेटफ़ॉर्म नंबर एक पर हैपीनेस जंक्शन लिखवाकर कुछ पुरानी पत्रिकाएं रखने के अलावा कुछ भी ऐसा नहीं किया गया है, जिससे लोगों को इसका अहसास हो. बेगूसराय के रवि रंजन की शिकायत थी कि यहां केवल पुरानी पत्रिकाएं मिलती हैं. उन्होंने बताया, "हैपीनेस जंक्शन टाइमपास है, ख़ुद से हैपी हो जाने वाली बात की तरह है. यह यात्रियों को धोखा देना है.''
छात्र वीरेंद्र कुमार का मानना है कि इससे अच्छा तो हाजीपुर जंक्शन है. उन्होंने कहा, ''यहां आने पर कुछ अलग या अच्छा महसूस नहीं होता है."
रिटायर कर्मचारी एसपी यादव कहते हैं कि हैपीनेस जंक्शन पर भी ट्रेन समय से नहीं चल रही हैं, तो इसे कैसे ख़ुशनुमा जंक्शन कहा जाए.
'हैपीनेस' के नाम पर एक चैरिटी भी शुरू की गई है. इसे एक जगह पर बना दिया गया है, जहां लोग फ़ालतू के कपड़े-जूते छोड़ जाते हैं. जिन्हें ये सामान काम के लगते हैं वे ले जा सकते हैं.
स्टेशन के बाहर मौजूद सुरक्षा गार्ड के अनुसार बुधवार को उतरन कपड़े-जूते लेने कोई नहीं आया. मंगलवार को कोई आदमी एक शर्ट ले गया था. सुस्त, अलसाये और ख़ाली सोनपुर जंक्शन से रोज़ाना 50 से अधिक ट्रेनें गुज़रती हैं, लेकिन यहां बीमार-वृद्ध यात्रियों के लिए न तो कोई व्हीलचेयर है और न ही स्ट्रेचर.
आम यात्रियों की सुविधा और ज़रूरतों से कोसों दूर इस जंक्शन को हैपीनेस जंक्शन घोषित करने की पहल पर वरीय मंडल वाणिज्य प्रबंधक दिलीप कुमार दावा करते हैं यह अपनी तरह का एकलौता और अद्भुत प्रयास है. हर दिन तीन से 400 यात्री इसका लाभ उठा रहे हैं. बिना कोई ख़ुशी दिए एक जंक्शन को ख़ुशनुमा घोषित करना अधिकारियों के लिये आसान है, इसलिये पूर्व मध्य रेलवे ने मात्र एक सप्ताह बाद मुज़फ़्फ़रपुर स्टेशन पर भी 'हैप्पीनेस जंक्शन लिखवा दिया है.
(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)