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करेंसी पर रोक को लेकर मोदी पर बरसीं मायावती
मोदी सरकार के 500 और 1000 रुपये के नोट बंद करने के फ़ैसले को बहुजन समाज पार्टी सुप्रीमो मायावती ने 'आर्थिक इमरजेंसी' बताया है. वहीं सपा अध्यक्ष मुलायम सिंह यादव ने कहा कि नोट बैन करने का फ़ैसला यूपी चुनाव के मद्देनज़र लिया गया है.
लखनऊ में एक प्रेस कांफ्रेस में मायावती ने कहा कि केंद्र सरकार के इस फ़ैसले से पिछड़े वर्ग के लोगों, किसानों और छोटे व्यापारियों को बड़ा झटका लगा है.
उन्होंने कहा, "मोदी कहते हैं मैं चायवाला था. फिर प्रधानमंत्री बना. लेकिन जैसी उनकी सोच है, उसे देखकर लगता है कि उन्हें ग़रीबों की समस्याओं के बारे में कुछ नहीं पता. यह फ़ैसला लेते वक्त उन्होंने ग्रामीण लोगों के बारे में नहीं सोचा. उनके इस फ़ैसले से तमाम लोग परेशान हैं."
मुलायम सिंह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से अपील की है कि इस रोक को एक हफ्ते के लिए टाल दिया जाए.
मोदी सरकार की नीयत पर सवाल उठाते हुए मायावती ने कहा, "बीजेपी ने यह फ़ैसला करने से पहले विदेशों में कालाधन जमा करवाया. ताकि अगले 100 वर्षों तक वह राजनीति कर सकें. इसके बाद सरकार को काले धन की याद आई. मोदी सरकार ने अपनी कमज़ोरी छिपाने के लिए ऐसा किया है."
मायावती ने सवाल किया कि केंद्र सरकार क्यों विदेशों में जमा काले धन पर कोई बात नहीं कर रही?
उन्होंने कहा कि मोदी सरकार का चरित्र कांग्रेस जैसा ही है.
अपनी प्रेस वार्ता में मायावती ने दावा किया कि ढाई साल में मोदी सरकार ने पूंजीपतियों को सबसे ज्यादा फ़ायदा इसी फ़ैसले से पहुंचाया है.