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मुश्किल में 'ऐ दिल है मुश्किल'
- Author, सुशांत मोहन
- पदनाम, बीबीसी संवाददाता, मुंबई
फ़िल्मकार करण जौहर की फ़िल्म 'ऐ दिल है मुश्किल' की परेशानी बढ़ती नज़र आ रही है.
बॉलीवुड की कई सिनेमा एसोसिएशन में से एक 'सिनेमा ओनर्स एंड एक्ज़िबिटर्स एसोसिएशन ऑफ़ इंडिया' ने मुंबई में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ़्रेंस के माध्यम से अपने फ़ैसले की जानकारी देते हुए कहा है कि वो पाकिस्तानी कलाकारों की फ़िल्म अपने सिनेमाघरों में नहीं दिखाएगी.
इस एसोसिएशन की सदस्यता महाराष्ट्र, गुजरात और गोवा के कुछ सिनेमाघरों के पास है और इन सभी सिनेमाघरों में किसी भी पाकिस्तानी कलाकार वाली फ़िल्म नहीं प्रदर्शित की जाएगी.
एसोसिएशन के पैनल पर मौजूद नितिन दातार ने बीबीसी से कहा, " हम बैन लगाने वाले कोई नहीं है, बस यह हमारा विरोध जताने का तरीका है और हम किसी विशेष फ़िल्म के ख़िलाफ़ नहीं है. बस पाकिस्तानी कलाकारों की फ़िल्म को जगह नहीं दी जाएगी"
नितिन इस ओर इशारा करते हैं कि 'ऐ दिल है मुश्किल' को रिलीज़ कर दिया जाएगा अगर फ़वाद खान उसमें न हों.
हालांकि अभी भी सीधे तौर पर किसी ने 'ऐ दिल है मुश्किल' का विरोध नहीं किया है और सभी ओर से (महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना और सिनेमा एसोसिएशन) फ़वाद के रोल को हटाने की मांग की जा रही है.
अभी इस विरोध में देशभर के सिनेमाघर नहीं कूदे हैं और भारत की बड़ी मल्टिप्लेक्स चेन 'पीवीआर' और 'बिग सिनेमा' ने बीबीसी के फ़ोन पर इस बारे में कोई भी टिप्पणी करने से इंकार कर दिया.
फ़िल्म 'ऐ दिल है मुश्किल' की रिलीज़ 28 अक्टूबर को निर्धारित है. करण जौहर की ओर से इस तारीख़ को हटाने या आगे बढ़ाने की कोई बात अभी सामने नहीं आई है
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