You’re viewing a text-only version of this website that uses less data. View the main version of the website including all images and videos.
भारत-पाकिस्तान: कड़वे हुए रिश्तों के बावजूद संपर्क कायम
- Author, दिव्या आर्य
- पदनाम, संवाददाता, दिल्ली
भारत और पाकिस्तान के रिश्तों में तनाव के बावजूद पिछले सालों में दोनों देशों के बीच विश्वास कायम करने के लिए कई क्षेत्रों में पहल हुई और इसके बाद उठाए गए कदम अब भी कायम हैं.
भारत प्रशासित कश्मीर के उड़ी में चरमपंथी हमले के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव बढ़ा है.
लेकिन विश्वास बहाली के लिए उठाए गए कई क़दम अब भी कायम हैं. आएं उन पर एक नज़र डालते हैं-
बस सेवाएं
फरवरी 1999 में तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने दिल्ली और लाहौर के बीच बस सेवा शुरू की थी. 'सदा-ए-सरहद' समेत दोनों देशों के बीच शुरू हुई चार और बस सेवाएं अभी तक जारी हैं.
अप्रैल 2005 में तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन की प्रमुख सोनिया गांधी ने श्रीनगर और मुज़फ़्फ़राबाद के बीच 'कारवां-ए-अमन' बस सेवा को हरी झंडी दी.
जनवरी 2006 में दोनों देशों के पंजाब के बीच लोगों की आवाजाही के लिए अमृतसर से लाहौर जानेवाली 'दोस्ती' बस सेवा शुरू की गई.
जून 2006 में नियंत्रण रेखा को पार करने के लिए पूंछ और रावलकोट के बीच 'रावलकोट-पूंछ' बस सेवा भी शुरू की गई.
मार्च 2006 में सिख़ धर्म के संस्थापक गुरू नानक देव की जन्म भूमि ननकाना साहिब से भारत के अमृतसर तक 'पंजाब' बस सेवा शुरू की गई.
रेल सेवाएं
1976 के शिमला समझौते के तहत दिल्ली और लाहौर के बीच 'समझौता एक्सप्रेस' शुरू की गई.
ये भारत और पाकिस्तान के बीच पहली रेल सेवा है.
इसके 30 साल बाद साल 2006 में जोधपुर से कराची जाने वाली 'थार एक्सप्रेस' शुरू की गई.
व्यापार
1996 में भारत ने पाकिस्तान को 'मोस्ट फेवरड नेशन' का दर्जा दिया. व्यापार को बढ़ावा देने के लिए दिए जाने वाले इस दर्जे के तहत किसी सहयोगी देश के साथ व्यावसायिक मामलों में भेदभाव नहीं किया जा सकता.
साल 2012 में पाकिस्तान ने भारत को यही दर्जा देने की बात कही लेकिन उसके लिए ज़रूरी कदम नहीं उठाए. नतीजा यह कि अब तक भारत को यह दर्जा नहीं दिया गया है.
2012 में भारत सरकार ने पाकिस्तानी नागरिकों को अपने देश में निवेष करने की इजाज़त दी. इस करार में रक्षा, अंतरिक्ष और परमाणु संबंधी क्षेत्र शामिल नहीं हैं.
2007 में भारत ने तुर्कमेनिस्तान, अफ़गानिस्तान और पाकिस्तान के साथ एक गैस पाइपलाइन का अरबों डॉलर का करार किया. पिछले साल इस 'ट्रांस-अफ़गानिस्तान पाइपलाइन' का निर्माण शुरू हो गया. इससे आने वाली गैस का भारत और पाकिस्तान दोनों इस्तेमाल करेंगे.
2007-08 में दोनों देशों ने तय किया कि वागाह-अटारी, श्रीनगर-मुज़फ़्फ़राबाद, पुंछ—रावलकोट के सड़क रास्तों और खोकरापार-मुन्नाबाओ के रेल रास्ते से व्यापार होगा. इसमें 21 चीज़ों की ख़रीद-फ़रोख़्त की इजाज़त दी गई.
सुरक्षा
भारत और पाकिस्तान के बीच एक दूसरे के परमाणु ठिकानों पर हमला ना करने का क़रार है. इसके तहत 1992 से अब तक दोनों देश हर साल की पहली तारीख़ को अपने यहां बनाए इन ठिकानों की जानकारी एक दूसरे को देते हैं.
2001 में भारत की संसद पर हमले के बाद आख़िरकार 2003 में भारत और पाकिस्तान के बीच औपचारिक रूप से युद्धविराम घोषित हुआ.
दोनों देशों के बीच हॉटलाइन भी स्थापित की गई हैं जो सीमापार झड़पों की जानकारी बांटने और जल सीमा का उल्लंघन होने जैसी जानकारी फ़ौरन देने के मक़सद से बनाई गईं है.
इसके बावजूद पिछले सालों में नियंत्रण सीमा के उल्लंघन की कई घटनाएं सामने आई हैं.
मानवीय मदद
2010 में पाकिस्तान में बाढ़ से हुई तबाही से निपटने के लिए भारत ने ढाई करोड़ अमरीकी डॉलर से मदद की.
दोनों देश एक दूसरे की जेलों में बंद अपने देश के नागरिकों की सूची भी हर साल की पहली तारीख़ को साझा करते हैं.
नियमित रूप से इन बंदियों और भारत-पाकिस्तान जल सीमा का उल्लंघन करने के जुर्म में गिरफ़्तार किए मछुआरों की रिहाई भी की जाती है.
अलग-अलग समझौतों के तहत व्यावसाइयों, डॉक्टर, शिक्षकों और सैलानियों को आसान शर्तों पर वीज़ा देने के फ़ैसले लिए गए. हालांकि वीज़ा मिलने में दिक्कतें आम हैं.
क्रिकेट
इस सबके बावजूद भारत और पाकिस्तान का पसंदीदा खेल क्रिकेट इस व़क्त दोनों देशों की टीमें एक-दूसरे के देश में नहीं खेल रहीं.
रिश्ते बेहतर करने की एक पहल के तहत साल 2011 में पाकिस्तान के तत्कालीन प्रधानमंत्री यूसुफ़ रज़ा गिलानी मोहाली में भारत और पाकिस्तान के बीच खेले जा रहे वर्ल्ड कप सेमिफ़ाइनल को देखने आए थे.
2012-13 में आखिरी बार पाकिस्तानी टीम भारत में तीन एक-दिवसीय और दो ट्वेंटी-ट्वेंटी मैच खेलने आई थी. तब से वो अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर विश्व कप वग़ैरह के लिए अन्य देशों में ही मैच खेलते रहे हैं.