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अगस्ता मामले में सुप्रीम कोर्ट का दखल
- Author, आलोक प्रकाश पुतुल
- पदनाम, रायपुर से बीबीसी हिंदी डॉट कॉम के लिए
सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को नोटिस जारी कर पूछा है कि छत्तीसगढ़ और दूसरे राज्यों में अगस्ता हेलिकॉप्टर खरीद के मामले में अब तक क्या कार्रवाई की गई है.
छत्तीसगढ़ विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष टीएस सिंहदेव और स्वराज अभियान की दो अलग-अलग याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि केंद्र सरकार बताए कि इन मामलों में किस तरह की जांच या दूसरी कार्रवाई की गई है.
याचिका में राजस्थान, जम्मू-कश्मीर, पंजाब और झारखंड में भी अगस्ता हेलिकॉप्टर ख़रीद से जुड़े दस्तावेज़ पेश किए गए.
स्वराज अभियान के नेता और वरिष्ठ वकील प्रशांत भूषण ने बीबीसी से बातचीत में कहा, "छत्तीसगढ़ में अगस्ता घोटाले में सीएजी ने पहले ही आपत्ति उठाई थी. इसके अलावा मुख्यमंत्री रमन सिंह के बेटे अभिषेक सिंह की इन मामलों में कमीशन से संबंधित दस्तावेज़ भी सार्वजनिक हो चुके हैं. लेकिन सरकार ने इस मामले में कोई हस्तक्षेप नहीं किया."
दूसरी ओर, भारतीय जनता पार्टी ने कहा है कि ये तमाम आरोप सिर्फ़ सस्ती लोकप्रियता हासिल करने के लिए लगाए गए हैं.
विधायक और छत्तीसगढ़ में भारतीय जनता पार्टी के प्रवक्ता श्रीचंद सुंदरानी ने कहा, "मामला अदालत में है, इसलिए इस पर टिप्पणी करना ठीक नहीं है. लेकिन अगस्ता मामले में हमारी सरकार साफ है."
छत्तीसगढ़ में साल 2007 में अगस्ता ए-109 पॉवर हेलिकॉप्टर की खरीद में हुई कथित गड़बड़ी पर बीते कई साल से विवाद चलता रहा है.
नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक यानी सीएजी के दस्तावेज़ों के मुताबिक़, छत्तीसगढ़ सरकार ने मुख्यमंत्री रमन सिंह की अध्यक्षता में एक नया पावर हेलिकॉप्टर खरीदने के लिए कमेटी का गठन किया था. इस कमेटी में मुख्यमंत्री रमन सिंह के अलावा मुख्य सचिव और मुख्य वित्त सचिव भी शामिल थे.
इस कमेटी की सिफ़ारिश पर सरकार ने अगस्ता ए-109 पावर हेलिकॉप्टर बनाने वाली इतालवी कंपनी अगस्ता-वेस्टलैंड से तय क़ीमत से ज़्यादा पैसे दे कर हेलिकॉप्टर खरीदी थी. सरकार ने इसके लिए 65.70 लाख अमरीकी डॉलर की कीमत चुकाई थी.
आरोप है कि हेलीकॉप्टर ख़रीदने के लिए काग़ज़ात इस तरह से तैयार किए गए थे कि अगस्ता-वेस्टलैंड के अलावा कोई दूसरी कंपनी इस प्रक्रिया में शामिल ही नहीं हो पाए.
इससे पहले झारखंड सरकार ने यही हेलिकॉप्टर 55.91 लाख अमरीकी डॉलर में खरीदे थे.
छत्तीसगढ़ सरकार को 61.25 लाख डॉलर में यह हेलिकॉप्टर खरीदने के लिए कहा गया था. लेकिन कुछ महीनों बाद अक्टूबर 2007 में छत्तीसगढ़ सरकार ने 65.70 लाख डॉलर में हेलीकॉप्टर खरीदने का अनुबंध कर लिया.
नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक ने अपनी रिपोर्ट में लिखा, "एक खास ब्रांड और विशिष्ट मॉडल का टेंडर जारी कर अधिक क़ीमत में खरीदना अगस्ता से हेलीकॉप्टर ख़रीदना न तो सहभागिता बढ़ाता है और न ही यह न्यायोचित है."
बाद में इस मामले में मुख्यमंत्री रमन सिंह के बेटे और राजनांदगांव इलाके से सांसद अभिषेक सिंह का नाम भी जोड़ा गया.
विधायक अमित जोगी ने इस मामले में दस्तावेज़ पेश करते हुये आरोप लगाया था कि छत्तीसगढ़ में अगस्ता-वेस्टलैंड कंपनी से हेलिकॉप्टर खरीदी में शार्प ओशन कंपनी ने बिचौलिए का काम किया था और पैसा क्वैस्ट हाइट्स नाम की कंपनी में निवेश किया था. क्वेस्ट हाइट्स कंपनी के निदेशक के रूप में अभिषेक सिंह का नाम दर्ज़ है. उनका पता रमन मेडिकल स्टोर, कवर्धा, छत्तीसगढ़ दर्ज़ कराया गया है.
सांसद अभिषेक सिंह और मुख्यमंत्री रमन सिंह इन आरोपों को सिरे से ख़ारिज़ कर चुके हैं. उन्होंने कई मौकों पर कहा है कि झूठे दस्तावेज़ों के सहारे राजनीति की जा रही है.