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ऑस्कर समारोह पर सबकी निगाहें | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
गोल्डन ग्लोब, क्रिटिक अवॉर्ड, स्क्रीन एक्टर्स गिल्ड, बाफ़्टा... पिछल दो महीनों से अंतरराष्ट्रीय फ़िल्म अवॉर्ड सीज़न अपनी पूरी रवानी में है और अब बारी आ चुकी है क्लाइमैक्स की यानी ऑस्कर समारोह की. 81वां ऑस्कर समारोह अमरीका में हॉलीवुड के कोडेक थिएटर में 22 फ़रवरी को है. ऑस्कर नामांकनों में इस बार बाज़ी मारी है ब्रैड पिट की फ़िल्म द क्यूरियस केस ऑफ़ बेंजमिन बटन ने जिसे 13 नामांकन मिले हैं. और मुंबई में बनाई गई बहुचर्चित फ़िल्म स्लमडॉग मिलियनेयर की झोली में गए हैं 10 नामांकन. द डार्क नाइट औक मिल्क को आठ-आठ नामांकन दिए गए हैं. ज़ाहिर है भारत में स्लमडॉग मिलियनेयर को लेकर काफ़ी उत्साह है. भारत के संगीतकार एआर रहमान को तीन श्रेणियों में नामांकन मिला है और साथ ही साउंड एडीटिंग के लिए भारत के ही रसूल पोकुट्टी को भी. दावेदार
बाक़ी श्रेणियों की बात करें तो सर्वश्रेष्ठ फ़िल्म के लिए टक्कर होगी स्लमडॉग मिलियनेयर, द रीडर, द क्यूरियस केस ऑफ़ बेंजमिन बटन, मिल्क और फ्रॉस्ट/निक्सन के बीच. कौन मारेगा इस बार बाज़ी? वरिष्ठ फ़िल्म समीक्षक अनुपमा चोपड़ा कहती हैं, "जहाँ तक सर्वश्रेष्ठ फ़िल्म की बात है तो ज़्यादातर विश्लेषकों, ऑस्कर पंडितों, ब्लॉग पर लिखने वालों सबका मानना है कि स्लमडॉग मिलियनेयर ही फ़ेवरेट है बावजूद इसके कि कई लोगों ने फ़िल्म की आलोचना की है." सर्वश्रेष्ठ अभिनेता के लिए दौड़ में हैं मिकी रुरक फ़िल्म रेस्लर के लिए, ब्रैड पिट द क्यूरियस केस ऑफ़ बेंजमिन बटन के लिए, फ़िल्म मिल्क के लिए शॉन पेन और फ़्रॉस्ट निक्सन के लिए फ़्रैक लंगेला. जबकि सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्रियों के वर्ग में मेरिल स्ट्रीप का रिकॉर्ड बेमिसाल है. वे 15वीं बार नामांकित हुई हैं और केट विंसलेट छठी बार. अनुपमा चोपड़ा कहती हैं, "बताना मुश्किल है कि कौन जीतेगा क्योंकि करीब छह हज़ार लोग ऑस्कर के लिए वोटिंग करते हैं. कहा जाता है कि जो भी गोल्डन ग्लोब जीतता है तो ऑस्कर वे ले जाता है, इस हिसाब से तो केट विंसलेट जीत सकती हैं. अभिनेताओं में मुकाबला दिलचस्प है. एक तरफ़ ब्रैड पिट जैसे बड़े सितारे हैं तो दूसरी ओर ऐसे अभिनेता हैं जो कम जाने जाते हैं. मुझे सबसे ज़्यादा मिकी रुर्क का अभिनय पंसद आया. उनके जीवन की निजी परिस्थितियाँ भी अजीब रही हैं. वे फ़िल्मी दुनिया में बरसों से कहीं खो गए थे और सब मुश्किलों से लड़ते हुए उन्होंने वापसी की है. " भारत की उम्मीदें
भारत के लोगों की निगाहें ख़ास तौर पर इस बार के ऑस्कर समारोह पर लगी रहेगी. मुंबई के एक झोंपड़पट्टे में रहने वाले जमाल की करोड़पति बनने तक की कहानी बयां करती फ़िल्म स्लमडॉग मिलियनेयर ने अब तक लभगभ हर छोटे बड़े पुरस्कार समारोह में हर मुमकिन पुरस्कार जीता है. एक समय वो भी था जब इस फ़िल्म को कोई रिलीज़ करने को तैयार नहीं था. लेकिन झोंपड़पट्टी में रहने वाले फ़िल्म के हीरो जमाल की ही तरह फ़िल्म की भी किस्मत ऐसी चमकी कि आज ये ऑस्कर दावदारों में शामिल है. बॉलीवुड के किंग खान ने स्लमडॉग की टीम को ऑस्कर से पहले शुभकामनाएँ दी हैं. शाहरुख़ कहते हैं कि स्लमडॉग मिलियनेयर उन्हें काफ़ी अच्छी लगी और वे ख़ुश हैं कि एआर रहमान, गुलज़ार और रसूल पोकुट्टी को इतने बड़े समारोह में नामांकन मिला है. भारत को पहली दफ़ा ऑस्कर दिलाया था भानु अथैया ने. उन्हें 1982 में फ़िल्म गांधी में कॉस्ट्यूम डिज़ाइन के लिए ऑस्कर मिला था तो दस साल बाद सत्यजीत रे को हॉनररी ऑस्कर से सम्मानित किया गया. 22 फ़रवरी को हॉलीवुड में शाम को पाँच बजे से ऑस्कर की महफ़िल सजेगी और भारत में तब तक देर रात या सुबह हो चुकी होगी. सिनेमा प्रेमियों और भारतीय कलाकारों के हाथों में ऑस्कर मूर्ति देखने की हसरत रखने वालों को रात के बाद की उस सुबह का इंतज़ार ज़रूर रहेगा. और जैसे कि फ़िल्म समीक्षक अनुपमा चोपड़ा कहती हैं कि उनकी नज़र में तो एआर रहमान और रसूल पोकुट्टी अभी से विजेता हैं क्योंकि भारतीय कलाकारों के लिए यहाँ तक पहुँच पाना भी कोई मामूली बात नहीं है. |
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