|
ऐन एनराइट ने जीता बुकर पुरस्कार | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
वर्ष 2007 का बुकर पुरस्कार आयरिश लेखिका ऐन एनराइट को देने की घोषणा की गई है और यह पुरस्कार उनके उपन्यास 'द गैदरिंग' के लिए दिया गया है. इस उपन्यास में एक उजड़े हुए आयरिश परिवार के दर्द का वर्णन किया गया है. साहित्य के सबसे प्रतिष्ठित पुरस्कारों में से एक बुकर पुरस्कार ब्रिटेन, आयरलैंड और राष्ट्रकुल देशों में प्रकाशित उस वर्ष के सबसे अच्छे उपन्यास को दिया जाता है. इसके अंतर्गत लेखक या लेखिका को 50 हज़ार पाउंड की राशि ईनाम में दी जाती है. ऐन एनराइट के उपन्यास ने इयान मैकइवान के उपन्यास 'ऑन चेज़िल बीच' और लॉयड जोंस के उपन्यास 'मिस्टर पिप' को पछाड़कर यह पुरस्कार जीता है. इस पुरस्कार की दौड़ में भारतीय मूल के लेखक इंद्र सिन्हा और पाकिस्तानी मूल के लेखक मोहसिन हामिद भी शामिल थे. इंद्र सिन्हा का जन्म भारत में हुआ था और बाद में वह ब्रिटेन आ गए जहाँ उनकी शिक्षा हुई. इंद्र सिन्हा विज्ञापन की दुनिया में कॉपी लेखक बन गए और उन्होंने कामसूत्र का अंग्रेज़ी अनुवाद भी प्रकाशित किया. उनके उपन्यास 'एनीमल्स पीपुल' की कहानी 1984 में भोपाल में हुई गैस त्रासदी के इर्दगिर्द घूमती है. कहानी एक ऐसे व्यक्ति की है जो इस गैस हादसे के प्रभाव में मानसिक और शारीरिक त्रासदियाँ झेलता है. यह कहानी आंशिक रूप से सुनील कुमार के जीवन पर आधारित है जिसने 34 वर्ष की अवस्था में वर्ष 2006 में आत्महत्या कर ली थी.
पाकिस्तानी लेखक मोहसिन हामिद का उपन्यास 'द रिलक्टेंट फ़ंडामेंटलिस्ट' भी दौड़ में था. मोहसिन ने अमरीका के प्रिंसटन और हारवर्ड विश्वविद्यालयों में पढ़ाई की और फिर न्यूयॉर्क में प्रबंधन सलाहकार बन गए. यह उनका दूसरा उपन्यास है. 'द रिलक्टेंट फंडामेंटलिस्ट' उपन्यास में एक ऐसे व्यक्ति की कहानी है जिसने प्रिंसटन में शिक्षा हासिल करने के बाद मैनहैट्टन में अच्छा नाम कमाता है. लेकिन 11 सितंबर 2001 के हमलों के बाद वह अपने नए घर और अपने आस्था-मूल्यों का नया रूप खोजता है. अंतिम वाक्य जजों के पैनल का नेतृत्व कर रहे हॉर्वर्ड डैविस ने कहा, "एनराइट का उपन्यास बहुत शक्तिशाली है, इस कथा को पढ़ना बहुत असुविधाजनक है और यह कई बार नाराज़गी से भरा हुआ सा लगता है." उनका कहना था, "पूरी किताब आपको बाँधे रखती है और इसका अंत अदभुत है. मैंने अब तक जितनी भी किताबें पढ़ी हैं उनमें सबसे अच्छा आख़िरी वाक्य मैंने इसी किताब में पढ़ा." उन्होंने कहा, "हम मानते हैं कि ऐन एनराइट एक प्रभावशाली लेखिका हैं और हम उनसे आगे भी बहुत कुछ की उम्मीद करते हैं." इस बार जो छह लेखक बुकर पुरस्कार की क़तार में थे उनमें से सिर्फ़ मैकइवान ही ऐसे लेखक हैं जिनका नाम पहले भी बुकर की सूची में था. | इससे जुड़ी ख़बरें 'सृजन के लिए ख़ास माहौल ज़रूरी'14 जनवरी, 2007 | मनोरंजन एक्सप्रेस ख़ानदानी लेखिका हैं किरण देसाई 11 अक्तूबर, 2006 | मनोरंजन एक्सप्रेस किरण देसाई को बुकर पुरस्कार11 अक्तूबर, 2006 | मनोरंजन एक्सप्रेस किरण देसाई को बुकर पुरस्कार10 अक्तूबर, 2006 | मनोरंजन एक्सप्रेस सलमान रुश्दी बुकर की दौड़ से बाहर09 सितंबर, 2005 | मनोरंजन एक्सप्रेस कादरे को अंतरराष्ट्रीय बुकर पुरस्कार03 जून, 2005 | मनोरंजन एक्सप्रेस समलैंगिकों की कहानी को बुकर पुरस्कार20 अक्तूबर, 2004 | मनोरंजन एक्सप्रेस | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
| ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||