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सोमवार, 15 अक्तूबर, 2007 को 03:14 GMT तक के समाचार
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उम्र की सीमाओं से परे हूँ: देव आनंद

देव आनंद,टीन अंबानी
समाराह में टीना अंबानी, अनिल अंबानी, जया बच्चन और अमर सिंह मौजूद थे
सदाबहार, रोमांटिक, जोश और जुनून से लबरेज़. इन सब संज्ञाओं को समेटे किसी शख़्सियत को अगर नाम देना हो तो वो नाम बेशक देव आनंद ही होगा.

अपने 62 बरसों के लंबे और यादगार फ़िल्मी सफ़र को समेटकर शब्दों में बयां करना आसान तो नहीं है, लेकिन देवसाहब ने अपने सफ़रनामे को कुछ पन्नों में क़ैद कर लोगों के सामने रखने की कोशिश ज़रूर की है- अपनी आत्मकथा रोमैंसिंग विद लाइफ़ के ज़रिए.

हाल ही में देव साहब ने अपना 84वां जन्मदिन अपनी आत्मकथा के विमोचन के साथ भारत में मनाया था. अब उन्होंने अपनी किताब को ब्रिटेन के शहर लंदन भी लॉंच किया है.

 जीवन की सारी यादें मज़ेदार होती हैं, मीठी या कड़वी यादों की बात नहीं है. आप ज़िंदगी के सफ़र में चले जा रहे हैं, उसमें सुख भी है, दुख भी है, रौनक भी है, तन्हाई भी है. लेकिन उसका मज़ा यही है कि आज सवेरा है कल दिन है, आज सूरज है कल शाम है
देव आनंद

दिल्ली में देव साहब की किताब का विमोचन उनके जन्मदिन पर ख़ुद प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने किया था. दिल्ली में समारोह शानदार था तो लंदन में भी समारोह कुछ कम भव्य नहीं था. महफ़िल में शामिल थी टीना अंबानी, उनके पति अनिल अंबानी, जया बच्चन, राजनेता अमर सिंह और ब्रितानी सांसद कीथ वाज़.

यादों का सफ़र

समारोह में देव साहब पूरी रवानी में थे और उन्होंने खुलकर मीडिया से बात की. कोई भी इंसान जब अतीत मे झांकता है तो मीठी यादें तरोताज़ा होती हैं तो कई कड़वे लम्हों से भी सामना होता है.

जब देव आनंद से पूछा कि यादों को टटोलने का सफ़र कितना आसान या मुश्किल रहा तो उनका कहना था, "मीठी या कड़वी यादों की बात नहीं है, सारी यादें मज़ेदार होती हैं. आप ज़िंदगी के सफ़र में चले जा रहे हैं, उसमें सुख भी है, दुख भी है, रौनक भी है, तन्हाई भी है. लेकिन उसका मज़ा यही है कि आज सवेरा है कल दिन है, आज सूरज है कल शाम है. ज़िंदगी में मेरा फ़लसफ़ा बहुत सकारात्मक है, मेरी किताब भी यही कहती है."

देव साहब ने कहा कि वे बरसों अपनी फ़िल्मों के प्रीमियर पर जाते रहे हैं और उनकी ये किताब किसी आलीशान फ़िल्म के बड़े प्रीमियर के जैसी है. उनका कहना था कि किताब की सबसे बड़ी ख़ासियत यही है कि इसमें लिखा गया एक-एक वाक्य उनका है, कुछ भी बदला नहीं गया है.

 पहले तो मैं देव साहब का शुक्रिया अदा करना चाहता हूँ क्योंकि उन्होंने टीना को ढूँढा. मुझे उसके लिए परदेस नहीं जाना पड़ा, टीना मुझे देस में ही मिल गई, फिर इश्क इश्क इश्क हुआ, उसके बाद वही हुआ जो हीरा-पन्ना में था, ऐसा समय भी आया जब टीना को हासिल करने के लिए काफ़ी दिनों तक मुझे हरे रामा हरे कृष्णा करना पड़ा, दोबारा इश्क इश्क इश्क हुआ और फिर बारी थी तेरे मेरे सपने की
अनिल अंबानी

भारत से दूर परदेस में देव आनंद की किताब का विमोचन किया टीना अंबानी...पुरानी ज़माने की टीना मुनिम ने जिन्हें देव साहब ने फ़िल्म देस-परदेस से लॉंच किया था.

टीना अंबानी का साथ देने उनके पति अनिल अंबानी भी पहुँचे. टीना ने जहाँ देव साहब से जुड़ी यादें बाँटी तो अनिल अंबानी ने देव साहब की फ़िल्मों का नाम इस्तेमाल कर अपनी बात और टीना से प्रेम कहानी कुछ यूँ बयां की, "पहले तो मैं देव साहब का शुक्रिया अदा करना चाहता हूँ क्योंकि उन्होंने टीना को ढूँढा. मुझे उसके लिए परदेस नहीं जाना पड़ा, टीना मुझे देस में ही मिल गई, फिर इश्क इश्क इश्क हुआ, उसके बाद वही हुआ जो हीरा-पन्ना में था, ऐसा समय भी आया जब काफ़ी दिनों तक मुझे हरे रामा हरे कृष्णा करना पड़ा, दोबारा इश्क इश्क इश्क हुआ और फिर बारी थी तेरे मेरे सपने की."

रोमांस अभी जारी है

रोमैंसिंग विद लाइफ़ देव आनंद की आत्मकथा है

जब प्रेम की बात छिड़ी तो देव आनंद ने बताया कि लोग उन्हें रोमांटिक हीरो के रूप में जानते हैं और ज़िंदगी के साथ उनका रोमांस आज भी जारी है. उनका कहना था, "पूरी ज़िंदगी मैने विचारों के साथ, अपने साथ रोमांस किया है, मेरे साथ काम करने वाली हीरोइनों के साथ रोमांस किया. जब आप काम कर रहे होते हैं तो आपको किसी से तो प्यार करना पड़ता है वरना आप काम कैसे करेंगे."

समारोह में आए अमर सिंह ने भी अपनी पुरानी यादों को ताज़ा करते हुए बताया कि वे भी किस कदर देव साहब के दीवाने थे. उन्होंने बताया, मुझे याद है कोलाकाता में लिबर्टी सिनेमा हॉल था. हरे रामा हरे कृष्णा की एडवांस बुकिंग के लिए लंबी लाइन लगी हुई थी. पुलिस को लाठी चार्ज करना पड़ा. कुछ लाठियाँ मैने भी खाई थीं. क्या पता था कि जिनके लिए लाठी खाई थी उनके साथ बैठने का मौका मिलेगा.

 देव साहब के बारे में कुछ बोलना छोटे मुँह बड़ी बात होगी. उनके जैसे कलाकारों के लिए मेरे मन में दिमाग़ में तारीफ़ और श्रद्धा के सिवा कुछ भी नहीं. वे बहुत फॉर्वड लुकिंग हैं. जिन विषयों पर आज फ़िल्में बन रही हैं उस पर देव साहब बरसों पहले फ़िल्म बना चुके हैं
जया बच्चन

वहीं जया बच्चन से जब देव आनंद के बारे में पूछा गया तो जैसे निशब्द हो गईं. उन्होंने कहा, "देव साहब के बारे में कुछ बोलना छोटे मुँह बड़ी बात होगी. उनके जैसे कलाकारों के लिए मेरे मन में दिमाग़ में तारीफ़ और श्रद्धा के सिवा कुछ भी नहीं. वे बहुत फॉर्वड लुकिंग हैं. जिन विषयों पर आज फ़िल्में बन रही हैं उस पर देव साहब बरसों पहले फ़िल्म बना चुके हैं."

उनकी इसी रोमांटिक छवि का ही जादू था कि लोग परदेस में भी बड़ी संख्या में उनसे मिलने और ऑटोग्राफ़ लेने आए. भारत में जहाँ प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ख़ुद देव आनंद की किताब के विमोचन पर आए थे तो लंदन में ब्रितानी सांसद कीथ वाज़ देव आनंद से उनकी किताब पर ऑटोग्राफ़ ले दो ख़ास लोगों के लिए लेकर गए- ब्रितानी प्रधानमंत्री गॉर्डन ब्राउन और पूर्व प्रधानमंत्री टोनी ब्लेयर.

महफ़िल जब ख़त्म होने को थी तो किसी ने देव आनंद से पूछा कि कभी वो ख़ुद को 18 साल का बताते हैं तो कभी 100 साल का... असल में आपकी उम्र है कितनी?तो देव आनंद ने अपने ही अंदाज़ मे जवाब दिया...'आई एम एजलेस, उम्र की सीमाओं से परे हूँ मैं.'

देव आनंदरोमैंसिंग विद लाइफ़
देव आनंद की आत्मकथा का लंदन में लॉंच
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