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कला के लिए उतरे कपड़े | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
जाने माने फोटोग्राफर स्पेंसर ट्यूनिक के लिए एक बार फिर यूरोप के हज़ारों लोगों ने एक बार फिर अपने कपड़े उतार दिए हैं. मौका है ट्यूनिक की नई तस्वीरों का और स्थान है एमस्टर्डम का एक कार पार्क. क़रीब 2000 लोगों ने ट्यूनिक के कैमरे के लिए अपने कपड़े उतारे और कुछ समय तक ट्यूनिक के साथ साथ कई और लोगों ने तस्वीरें लीं. ये पहला मौका नहीं है जब लोगों ने ट्यूनिक के लिए कपड़े उतारे हों. इससे पहले बार्सिलोना, ब्यूनोस आयरिस और कई अन्य स्थानों पर ट्यूनिक के कैमरे के लिए लोगों ने कपड़े उतारे हैं. ट्यूनिक कहते हैं '' मुद्दा कपड़े उतारना नहीं है. कपड़े उतारने का अर्थ ये भी तो है कि लोग अपनी अंदरूनी झिझक को भी हटा रहे हैं...'' और लोग भी शायद ट्यूनिक की बात से सहमत थे. इस शो में शामिल होने वाले कई लोगों का कहना था कि उन्हें कपड़े उतारने में पहले थोड़ी परेशानी हुई लेकिन बाद में हज़ारों लोगों का साथ देखकर सारी झिझक मिट गई, शर्म नहीं आई. एमस्टर्डम यूं भी अत्यंत खुले विचारों का शहर माना जाता है लेकिन ऐसा पहली बार हुआ है जब दो हज़ार लोग एक साथ बिना कपड़ों के सड़कों पर दिखे हों. | इससे जुड़ी ख़बरें कला के नाम पर फिर कपड़े उतारे17 जुलाई, 2005 | पहला पन्ना कला के नाम पर हज़ारों हुए नंग-धड़ंग12 सितंबर, 2005 | मनोरंजन एक्सप्रेस | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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