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'आशाजी की आवाज़ है तो मेरा वजूद है' | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
पिया तू अब तो आजा, ये मेरा दिल प्यार का दीवाना,ओ हसीना ज़ुल्फ़ों वाली.....इन गानों का ज़िक्र होते ही ज़हन में एक ही नाम आता है- हेलेन. ‘बॉलीवुड डांसिंग क्वीन’ के नाम से मशहूर हेलेन ने अपने डांस और दिलकश अदाओं से लाखों लोगों को अपना दीवाना बनाया. शुरुआती दौर में वो कोरस कलाकार के तौर पर काम करती रहीं लेकिन 1958 में मेरा नाम चिन-चिन चू...के साथ उन्होंने तहलका मचा दिया. हाल ही में लंदन में उनके नाम से हेलेन डांस प्रतियोगिता रखी गई जिसमें वे बतौर विशेष मेहमान पहुँची. पेश है बीबीसी हिंदी से उनकी बातचीत के मुख्य अंश........... पचास के दशक में आपने अपना करियर शुरू किया. कैसा लगता है कि आज इतने साल बाद भी लोग आपको ‘डांसिंग क्वीन’ के रूप में याद करते हैं. मैं भी हैरान होती हूँ. इसके लिए मैं भगवान की शुक्रगुज़ार हूँ और साथ ही अपनी माँ की भी जो मानती थीं कि मैं कुछ कर सकती हूँ. मैं अपने प्रशंसकों का भी शुक्रिया अदा करना चाहती हूँ जो आज भी मुझे चाहते हैं. आपके गाने- पिया तू अब तो आजा, आ जाने जा...सब काफ़ी बोल्ड थे उस समय के हिसाब थे-ख़ासकर जिस तरह उन्हें फ़िल्माया जाता था और आपका लिबास भी. लेकिन फिर भी बहुत ग्रेस, बहुत गरिमा थी आपमें. ये तालमेल कैसे बिठाती थीं आप?
मैने सोच समझकर कभी कुछ नहीं किया कि मैं अशलील न लगूँ. बस ये था कि मैं हर पल का, उस गाने का, डॉंस का पूरा मज़ा लेती थी. मैं जो भी पहनती थी उसमें खु़द को बहुत सहज महसूस करती थी. मुझे लगता है कि आपने जो कपड़े पहने हैं, आप जो सोच रहे हैं- ये बहुत ज़रूरी है कि उसमें सहज महसूस करें. शायद यही राज़ है कि मैं स्क्रीन पर अश्लील नहीं नज़र आती थी. आपके ऊपर जो गाने फ़िल्माए गए हैं, उसमें आपका पंसदीदा गाना कौन सा है? मैने एक हज़ार से भी ज़्यादा फ़िल्मों में काम किया है. इस उम्र में पुरानी चीज़ों को याद कर पाना मुश्किल है. जहाँ तक डांस वाले गानों की बात है तो इंतकाम का ‘ आ जाने जा’, कारवां का ‘पिया तू अब तो आजा’, फ़िल्म इंकार का ‘मूंगड़ा’ और फिर डॉन है. अब तो डॉन फिर से काफ़ी मशहूर हो गई है. इसके अलावा फ़िल्म लहू के दो रंग फ़िल्म का एक गाना मुझे बेहद पसंद है जो मुझ पर फ़िल्माया गया था. विनोद खन्ना इसमें मेरे साथ थे. इसमें डांस नहीं था. लहू के दो रंग के लिए तो आपको फ़िल्मफ़ेयर अवार्ड भी मिला था. जी मुझे सर्वश्रेष्ठ सह-अभिनेत्री का पुरस्कार मिला था लहू के दो रंग के लिए. इसके लिए मैं महेश भट्ट का शुक्रिया अदा करूँगी. उनकी वजह से मैं इस फ़िल्म में अच्छा अभिनय कर पाई. आपने अभी डॉन का ज़िक्र किया. डॉन में करीना कपूर ने उसी गाने में काम किया है जो कभी आप पर फ़िल्माया गया था. करीना का डांस कैसा लगा आपको? बहुत ही अच्छा लगा करीना का डांस. मुझे करीना बेहद पसंद है. बेहतरीन काम कर रहीं हैं वो. आपके ज़्यादातर गाने आशा भोंसले जी ने गाए है. हॉवड़ा ब्रिज में लभगभ एक साथ आप दोनों सुर्खियों में आईँ. उनसे जुड़ी कुछ यादें बताएँ. आशा जी के बारे में मैं यही कह सकती हूँ कि अगर आशा भोंसले नहीं होती तो हैलन भी आज यहाँ नहीं होती. इससे ज़्यादा क्या कहूँ. आजकल फ़िल्मों में आइटम गानों का चलन है. कई टॉप हीरोइनें इनमें काम कर चुकी हैं. आप इस चलन से खुश हैं?
मैं कौन होती हूँ नाखुश होने वाली. अगर सब लोग खुश हैं तो मैं भी खुश हूँ और लगता तो यही है सब इससे खुश हैं. बात ये है कि नाम बदल रहे हैं.पहले सिर्फ़ प्लेन डांसिंग थी, फिर क्लब डांसिंग आया, फिर वो कैब्रे बन गया. अब उसे आइटम गाना बोलने लगें है. दस बारह साल बाद पता नहीं क्या बोलेंगे लोग उसको. आप दूसरे विश्व युद्ध के दौरान अपने परिवार के साथ बर्मा से भारत आई. फ़िल्मी उद्योग में कभी ये नहीं लगा कि आप बाहर से आई हैं? मैं बहुत छोटी थी जब भारत आ गई थी. तो यहीं रची-बसी हूँ. आपने सलीम ख़ान जी से शादी की है- बड़ा परिवार है आपका. उस बारे में बताइए. मैं इसके लिए शुक्रगुज़ार हूँ ऊपरवाले की और अपने परिवारवालों की. हमारे परिवार के सब लोग एक दूसरे के बहुत करीब हैं. आप डांसिंग क्वीन के नाम से जानी जाती हैं, लोगों का आपका डांस बेहद पसंद है लेकिन आपको किसका डांस सबसे पसंद है? ख़ासकर नई हीरोइनों में से. कई सारी हैं. मुझे याना गुप्ता का डांस बहुत ही अच्छा लगता है. शिल्पा शेट्टी भी हैं. मेरी बहू मलाइका अरोड़ा खान का डांस भी मुझे बहुत ही पसंद है. जैसे लोग मेरे बारे में कहते थे कि मैं स्टेज पर छा जाती हूँ वैसे ही वो भी छा जाती हैं. मेरी ऑल टाइम फ़ेवरेट तो वैजयंतीमाला जी हैं. | इससे जुड़ी ख़बरें 'गांधी माई फ़ादर' की उलझन31 मार्च, 2007 | मनोरंजन एक्सप्रेस 'लोगों का प्यार ऊर्जा देता है'31 मार्च, 2007 | मनोरंजन एक्सप्रेस मैं अच्छा शागिर्द हूँ: बिरजू महाराज 12 नवंबर, 2005 | मनोरंजन एक्सप्रेस नौटंकी की जगह अश्लील नाच गाने17 जनवरी, 2005 | मनोरंजन एक्सप्रेस | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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