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शकीरा की सुरों पर थिरकने को तैयार मुंबई | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
मुंबई की युवा धड़कनें थिरकने के लिए तैयार हो चुकी हैं और उन्हें अपने संगीत और अदाओं पर नचाने के लिए प्रसिद्ध पॉप गायिका शकीरा आ रही हैं. पश्चिम की शकीरा की तानों पर 25 मार्च यानी रविवार की रात हज़ारों मुंबईवासी थिरकते नज़र आएंगे. शकीरा के लाइव कार्यक्रम के दौरान 15 से 20 हज़ार लोगों के जुटने की उम्मीद की जा रही है. इसमें बॉलीवुड की कई बड़ी और मशहूर हस्तियाँ भी शामिल होंगी. शकीरा के इस कार्यक्रम को लेकर संगीत प्रेमियों में ख़ासा उत्साह देखने को मिल रहा है. कभी अपने संगीत को कभी स्टेज प्रस्तुतियों के दौरान अपने नृत्य के जलवे से शकीरा चर्चा में बनी रही हैं. इस लातिन अमरीकी पॉप गायिका के कार्यक्रम के मुख्य आयोजनकर्ता वेंकट वर्धन बताते हैं, "भारतीय संगीत की लोकप्रियता पूरी दुनिया में तेज़ी से बढ़ी है. इसीलिए विदेशी संगीतकार और संगीत ने भी भारत में अपनी संभावनाओं के लिए प्रयास तेज़ कर दिए हैं." वो बताते हैं कि शकीरा के कार्यक्रम का आयोजन इसी कड़ी में एक और क़दम है. संगीत उद्योग के जानकारों का कहना है कि शकीरा के भारत आने की ख़बर के बाद उनके सभी एल्बमों की बिक्री में क़रीब 25 फ़ीसदी की बढ़त देखी जा रही है. रिदम हाउस के महमूद का कहना है, "शकीरा के मुंबई आने की ख़बर के बाद उनके एल्बमों की बिक्री में ख़ासी बढ़ोत्तरी देखी जा रही है." बढ़ता बाज़ार दरअसल, भारतीय संगीत उद्योग में पिछले दिनों ख़ासी हलचल देखने को मिली है. इस वज़ह से अतंरराष्ट्रीय संगीत बाज़ार का भी रुझान भारत की तरफ़ बढ़ा है.
शुरुआत से ही ऐसा देखा गया है कि अंतरराष्ट्रीय संगीत बाज़ार का ख़ासा रुझान बॉलीवुड एल्बमों और रीमिक्स गानों की तरफ़ रहा है लेकिन अब दुनिया के मशहूर बैंड और दिग्गज कलाकारों ने भी भारतीय श्रोताओं को लुभाने की कोशिशें तेज़ कर दी हैं. अभी हाल ही में ब्रिटिश बैंड ब्ल्यू ने प्रसिद्ध गायक शान के साथ मिलकर एल्बम निकालने के लिए समझौता किया है. वहीं आशा भोंसले और मशहूर गायक रॉबिन विलियम्स भी अब साथ गाते नज़र आएंगे. संगीत जगत के लोग भी मानते हैं कि अब अंतरराष्ट्रीय संगीत कंपनियाँ और कलाकार भारत के संगीत को गंभीरता से ले रहे हैं. बॉलीवुड के गीतों ने हमेशा बिक्री के आंकड़ों को प्रभावित किया है. बॉलीवुड की फ़िल्मों को जिस तरह से विदेशों में अच्छा बाज़ार मिल रहा है, ठीक वैसे ही अब संगीत को भी पसंद किया जा रहा है. संगीत का यह प्रसार केवल लाइव कार्यक्रमों तक ही सीमित नहीं है बल्कि अब मोबाइल डाउनलोड के जरिए भी अपने पाँव पसार रहा है. हिंदी गीतों के अलावा अंतरराष्ट्रीय गीतों को भी लोग अपने मोबाइल की कॉलर टोन बनाने में ख़ासी दिलचस्पी दिखा रहे हैं. | इससे जुड़ी ख़बरें शकीरा आना चाहती हैं बॉलीवुड!05 सितंबर, 2006 | पत्रिका ब्रिटनी के बाल ग़ायब18 फ़रवरी, 2007 | पत्रिका मैडोना की चाहत, 'गाँधी जैसी बनूँ'17 फ़रवरी, 2007 | पत्रिका नोबेल शांति के लिए रविशंकर का भी नाम19 फ़रवरी, 2005 | पत्रिका ऊँची आवाज़ ख़तरनाक भी हो सकती है31 अगस्त, 2004 | विज्ञान | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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