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यॉर्कशायर में छाया बॉलीवुड डांस | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
ब्रिटेन के काउंटी यॉर्कशायर में इन दिनों 'बॉलीवुड डांस' के आगे सारे आयोजन फीके लग रहे हैं. बॉलीवुड कलाकारों के नृत्य में रंगा यह पूरा काउंटी भारतमय हो गया लगता है और खाने की तश्तरी पर भी 'चिकन टिक्का मसाला ने अपना क़ब्ज़ा जमा लिया है. 'बॉलीवुड डांसिंग' यहाँ इतना लोकप्रिय हो गया है कि लीड्स के चर्चित थिएटर वेस्ट यॉर्कशायर प्लेहाउस ने इस साल पूरे जून माह के दौरान 'बॉलीवुड जेन' के नाम से एक नाटक का मंचन करने का फ़ैसला किया है. बॉलीवुड जेन में हिस्सा लेने के लिए अभी 60 से ज़्यादा लोगों का 'ऑडिशन टेस्ट' लिया जा रहा है. यॉर्कशायर में लोकप्रिय बॉलीवुड डांस भारतीय और पश्चिमी शैली का संगम है. क्या है कहानी ‘बॉलीवुड जेन’ एक एशियाई मूल की ब्रितानी महिला की कहानी है जो अपने पड़ोस में रहने वाले प्रेमी के साथ भाग जाती है और पहुँचती है यॉर्कशायर. उसके साथ उसकी एक बेटी जेन भी है जिसकी मुलाक़ात वहाँ के एक स्थानीय आदमी डिनि से होती है.
बिल्कुल बॉलीवुड अंदाज़ में आगे बढ़ रही कहानी में आगे क्या मोड़ आता है, ये बताने के लिए ज़ुबिन सुर्ती तैयार नहीं हैं. डांस समूह के चयन के लिए इच्छुक प्रतिभागियों को टेस्ट ले रहे ज़ुबिन कहते हैं, “बॉलीवुड डांसिंग की वास्तव में यॉर्कशायर में धूम है”. ज़ुबिन के मुताबिक ‘बॉलीवुड जेन’ एक तरह से बॉलीवुड के घिसे-पिटे फॉर्मूले पर ही आधारित है जहाँ लड़का-लड़की मिलते हैं और उनमें प्रेम हो जाता है लेकिन इसके प्रोडक्शन की खूबसूरती के चलते काउंटी के युवा डांसरों के बीच इसकी ज़बर्दस्त लोकप्रियता है. ज़ुबिन कुछ साल पहले मुंबई से यहाँ आए और अब वे यॉर्कशायर, लीड्स, और ब्रैडफोर्ड जैसे शहरों में इस विशेष नृत्य की कक्षाएँ चलाते हैं. ज़ुबिन यॉर्कशायर में दक्षिण एशियाई कला के सांस्कृतिक नृत्य राजदूत कहे जाते हैं. लोकप्रियता ज़ुबिन कहते हैं, “ऐसा मालूम होता है कि बॉलीवुड नृत्य की अभिव्क्ति, लय और संतुलन के चलते यहाँ के लोग इसे पसंद करते हैं.” वह आगे कहते हैं, “इसे करने के लिए आपका छरहरा या खूबसूरत होना ज़रूरी नहीं. इसके लिए बस जोश, उत्साह और करिश्मे की ज़रूरत होती है.” ऐसा लगता है कि यॉर्कशायर के लोगों ने बॉलीवुड को उसी सिद्दत के साथ अपनाया है जिस तरह भारत में क्रिकेट के कई चाहने वालों ने इंग्लैंड के बल्लेबाज़ जेफ़्री बॉयकॉट को अपनाया. आज भी भारत में जेफ़्री का नाम लेते ही ‘वाह जेफ़्री वाह’ जैसे जुमले सुनने को मिल जाते हैं. ज़ुबिन कहते हैं, “मुझे खुशी है कि मैं पहले से ही मजबूत संबंध को और अधिक मजबूत बनाने में मदद कर रहा हूँ.” | इससे जुड़ी ख़बरें 'हम हॉलीवुड की नक़ल करते हैं'23 फ़रवरी, 2007 | पत्रिका निशाना चूक गया है एकलव्य16 फ़रवरी, 2007 | पत्रिका एनआरआई बाज़ार ने बदले समीकरण03 फ़रवरी, 2007 | पत्रिका अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान बना पाया है बॉलीवुड?03 फ़रवरी, 2007 | पत्रिका मैं नस्लवादी नहीं हूँ: जेड गुडी20 जनवरी, 2007 | पत्रिका पढ़ाई करने का बल्ले-बल्ले आइडिया29 मार्च, 2006 | पत्रिका | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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