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भारतीय कंपनी भी लाइसेंस की दौड़ में | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भारत की सबसे बड़ी लॉटरी कंपनी सुगल एंड दमानी ने ब्रिटेन की नेशनल लॉटरी का लाइसेंस हासिल करने में अपनी रुचि दिखाई है. सुगल एंड दमानी कंपनी के अध्यक्ष सुगलचंद जैन ने कहा है कि आवेदन करने की प्रकिया अपने अंतिम चरण में है. ब्रितानी नेशनल लॉटरी कमिश्न की प्रवक्ता ने इस बात की पुष्टि की है कि भारतीय कंपनी ने लाइसेंस में रुचि दिखाई है. प्रवक्ता ने कहा," सुगल एंड दमानी कंपनी ने रुचि दिखाई है और हम इसका स्वागत करते हैं." लाइसेंस हासिल करने की दौड़ में ब्रिटेन की नेशनल लॉटरी की वर्तमान संचालक केमीलॉट और ऑस्ट्रेलियाई कंपनी टेटरसॉल भी शामिल है. ये लाइसेंस वर्ष 2009 में जारी होगा. सुगल एंड दमानी कंपनी पिछले 30 सालों से भारत में लॉटरी के कारोबार में है. इसके अलावा ये कंपनी हीरे के ज़ेवरों और पर्यटन के क्षेत्र में भी काम करती है. ब्रिटेन की नेशनल लॉटरी के लाइसेंस के लिए दिसंबर तक आवेदन किया जा सकता है. ये लाइसेंस 10 सालों के लिए होगा. ब्रितानी नेशनल लॉटरी कमिश्न की प्रवक्ता ने कहा है कि कमिश्न ने इस बात का ध्यान रखा है कि आवेदन प्रकिया के दौरान सबको समान मौका मिले. नवंबर 1994 में शुरू होने के बाद से ब्रिटेन की नेशनल लॉटरी ने लोगों की मदद के लिए 18.5 अरब पाउंड जुटाए हैं और लॉटरी के ज़रिए 26 अरब पाउंड दिए हैं. | इससे जुड़ी ख़बरें 22 करोड़ डॉलर का जैकपॉट..04 फ़रवरी, 2006 | मनोरंजन 95 लाख पाउंड...पर लेने वाला कोई नहीं02 जनवरी, 2006 | मनोरंजन | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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