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भारतीय फ़िल्म निर्देशक मुक़दमा करेंगे | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भारत के जानेमाने फ़िल्म निर्देशक राकेश शर्मा अमरीका में न्यूयॉर्क के अधिकारियों के ख़िलाफ़ मुक़दमा कर रहे हैं. उन्हें अमरीका में सड़क पर वीडियो कैमरा इस्तेमाल करने के लिए हिरासत में लिया गया था. राकेश शर्मा मैनहैटन में टैक्सी चालकों पर एक डॉक्यूमेंट्री बना रहे थे. उसी दौरान पुलिस ने उन्हें रोका और कई घंटों तक पूछताछ की. एक अमरीकी संगठन एसीएलयू राकेश शर्मा के मामले को उठा रहा है. संगठन का कहना है कि सितंबर 2001 में हुए हमलों के बाद न्यूयॉर्क में फ़ोटोग्राफ़ी करने पर पाबंदियाँ बढ़ रही हैं. न्यूयॉर्क शहर के एक प्रवक्ता ने बताया कि पहली प्राथमिकता सड़कों पर लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है. राकेश शर्मा ने 2002 में भारत के राज्य गुजरात में हुए दंगों पर 'फ़ाइनल सॉल्यूशन' नाम की फ़िल्म बनाई थी जिसे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कई पुरस्कार मिले थे. 2004 में बर्लिन फ़िल्म समारोह में भी इस फ़िल्म को पुरस्कृत किया गया था. इससे पहले 2002 में उनकी फ़िल्म 'ऑफ़्टरशॉक्स: द रफ़ गाइड टू डेमोक्रेसी' अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पुरस्कृत हो चुकी है. फ़िल्मकार श्याम बेनेगल के सहायक के रूप में अपना कैरियर शुरू करने वाले राकेश ने कई साल टेलीविज़न पत्रकार के रूप में भी काम किया है. | इससे जुड़ी ख़बरें 'गड़े मुर्दे उखाड़ना ज़रूरी है'03 मार्च, 2005 | मनोरंजन दंगों पर बनी फ़िल्म सेंसर बोर्ड में अटकी06 अगस्त, 2004 | मनोरंजन 'फ़ाइनल सॉल्यूशन' बर्लिन में पुरस्कृत14 फ़रवरी, 2004 | मनोरंजन | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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