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पिकासो की चोरी हुई पेंटिंग बरामद | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
अमरीकी जाँच एजेंसी के अधिकारियों का कहना है कि उन्होंने शिकागो में पाब्लो पिकासो की चुराई गई एक पेंटिंग बरामद की है. एफ़बीआई ने पिकासो की जो पेटिंग बरामद की है उसका नाम "द वुमैन इन व्हाइट" है. इस पेंटिंग के बारे में कहा जाता है कि इसे दूसरे विश्व युद्ध के दौरान नाज़ियों ने चुरा लिया था. यह पेंटिंग पिकासो ने 1922 में बनाई थी. इसे जर्मनी के एक यहूदी कैरलोटा लैंड्सबर्ग ने खरीदा था. लैड्सबर्ग ने बाद में इसे सुरक्षित रखने के लिए पेरिस के एक विक्रेता को दिया. द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान जब फ्रांस पर जर्मनी ने हमला किया उसी दौरान यह पेंटिंग भी चुरा ली गई. यह पेंटिंग फिर एक बार 1970 के दशक में खबरों में आई जब शिकागो में पेंटिंग जमा करने वाली मैरलीन एल्सडोर्फ ने इसे खरीदा और पेंटिंग अमरीका आ गई. एफबीआई ने यह पेंटिंग एल्सडोर्फ के घर से बरामद किया है. एफ़बीआई का कहना है कि जब एल्सडोर्फ को यह पता लगा कि यह पेंटिंग चोरी की है काफी महँगी है तो एल्सडोर्फ ने इसे लास एंजेल्स भेज दिया. एल्सडोर्फ का कहना है कि वो एफ़बीआई की कार्रवाई को अदालत में चुनौती देंगी और पेंटिंग वापस लेकर रहेंगी. एफबीआई की दलील है कि उन्हें शिकायत मिली थी कि यह पेंटिंग चोरी की गई है इसलिए उन्होंने पेंटिंग अपने क़ब्ज़े में ले ली है. |
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