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भांगड़ा के ज़रिए कसरत का नया तरीक़ा | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
संगीत और नृत्य का इस्तेमाल आम तौर पर ख़ुशी के मौक़े पर या समारोह के दौरान किया जाता है लेकिन कभी कभी संगीत और नृत्य के सहारे कुछ लोग अपनी थकान मिटाने की भी कोशिश करते हैं. अमरीका में संगीत और नृत्य के ज़रिए अब बाक़ायदा सेहत अच्छी रखी जा रही है. संगीत और ख़ासकर भारतीय संगीत और फ़िल्मों के गानों का इस्तेमाल वज़न कम करने के लिए कसरत के दौरान करना आम हो रहा है. हिंदी फिल्मों के गाने और भांगड़ा संगीत तेज़ आवाज़ में लगाकर उसकी थाप पर अब लोग व्यायाम करते हैं. यह चलन धीरे धीरे बढ़ता ही जा रहा है. कुछ और भारतीय लोक नृत्य जो वर्ज़िश करने के लिए प्रयोग किए जा रहे हैं वह हैं, राजस्थानी घूमर, रास, गरबा और गिद्दा. कई जिम खुले अमरीका में अब ऐसे बहुत से जिम खुल गए हैं जो इस तरह बॉलीवुड के गाने बजाकर या नाच के साथ वर्ज़िश कराते हैं. लोगों को यह तरीक़ा ख़ूब पसंद भी आ रहा है. अंग्रेज़ी में डांस थेरपी कहलाने वाले इस तरीक़े के द्वारा लोगों को कई तरह की तकलीफ़ों से आराम पह़ुचाएँ जाने का दावा भी किया जा रहा है. कहा जा रहा है कि भारतीय संगीत पर नृत्य या व्यायाम करने से लोग बेहतर महसूस करते हैं. उनके आत्मसम्मान में इज़ाफा होता है. इससे शरीर सुडौल होता है थकान मिटती है. इतना ही नहीं तनाव, उलझन और उदासी में कमी होती है. तनाव होता है कम आम तौर पर लोग अपने दफ़्तर से निकलने के बाद ही इस तरह के कार्यक्रम में भाग लेते हैं. जब यह नाच गाना या व्यायाम शुरू होता है तो फिर लोग सब कुछ भूल कर उसी में मस्त हो जाते हैं. नृत्य और संगीत का यह सिलसिला क़रीब एक घंटे तक चलता है जिससे लोग पसीने में नहा जाते हैं लेकिन उन्हे थकान कम महसूस होती है. लोग इस तरीक़े को सराह भी रहे हैं. भारतीय मूल के पंकुल वर्मा तो इस पर फ़िदा हो गए हैं इस तरह के वर्ज़िश के तरीक़े में तेज़ आवाज़ में फिल्मी गीत और संगीत या भांगड़ा और ढोल की थाप पर लोग एक खास अंदाज़ में नाचते हैं और इसके लिए एक प्रशिक्षक होता है जो नाचने का सही तरीक़ा बताता है. रीना शाह ऐसी ही एक प्रशिक्षक हैं जो मैनहैटन में लोगों को फिटनेस के इस तरीके के गुर सिखाती हैं. वो कहती है “अब तो अमरीकी लोगों को भी उत्सुकता होती है कि बॉलीवुड के गाने बजाकर नाचना कैसा लगता है. मैं इसे एक आसान मस्ती भरा हुआ एक ऐसा वर्ज़िश का तरीक़ा बना देती हूं जिसमे एक घंटा पूरी मस्ती ही हो. ” मसाला भांगड़ा भांगड़ा करते हुए अमरीकी तो और भी दिलचस्प नज़ारा पेश करते हैं. मैनहैटन में प्रतिष्ठित न्यू यॉर्क स्पोर्टस क्लब में शाम के समय आपको बहुत से अमरीकी भी ढोल पर नाचते हुए मिल जाएंगे. भारतीय मूल की प्रशिक्षक सरीना जैन अपने ढोलक बजाने वाले साथी के साथ वर्ज़िश कराती हैं. सरीना जैन खुद तो राजस्थानी मूल की हैं लेकिन पंजाब के नाच और संगीत पर आधारित ‘मसाला भांगड़ा’ नाम का एक वर्ज़िश का तरीक़ा वह बखूबी सिखाती हैं. इसमे भांगड़ा नाच के ज़रिए वज़न कम करना सिखाया जाता है. सरीना कहती है “भांगड़ा के साथ वर्ज़िश करने का तरीका भी बहुत आसान होता है. और इसे हर आयु के लोग आसानी से कर सकते हैं.नाच के ज़रिए अपना वज़न कम किया जा सकता हैं” सरीना को उम्मीद है कि अब इस तरह के नाच गाने पर आधारित वर्ज़िश के तरीके अमरीकी लोगों में आम होते जाएंगे. और इसके अलावा अब वह भारत में भी मसाला भांगड़ा को आम करना चाहती हैं. अमरीका में अब मसाला भांगड़ा के कई विडियो कैसेट भी बाज़ार में आ चुके हैं. बल्ले बल्ले करती राधिका जोंस एक भारतीय अमरीकी महिला हैं और बराबर मसाला भांगड़ा क्लास में वर्ज़िश करने आती है. वो कहती हैं, “मुझे तो भांगड़ा के अलावा और कोई तरीका अब पसंद ही नहीं आता है, मैं बहुत खुश हूं कि मुझे इसका पता चल गया. और अब मैं अपने दोस्तों को भी इसके बारे में बताती रहती हूं. आप वर्ज़िश करते हुए थकान भी महसूस नहीं करते और मनोरंजन भी हो जाता है.” इसके अलावा अमरीकी लोग भारतीय संस्कृति को समझने और उसके बारे में भी अपनी उत्सुक्ता दूर करने की कोशिश करते हैं. दूसरी ओर भारतीय संगीत और नृत्य में अमरीकियों की रुचि हो रही है पर अमरीका में बसे भारतीय या दक्षिण एशियाई लोगों की इसमें रुचि घटती जा रही है. |
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