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इंदौर में जन्मदिन का आत्मीय उल्लास | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
स्वर साम्राज्ञी लता मंगेशकर की जन्मस्थली इंदौर ने लताजी की 75वीं सालगिरह का जश्न अत्यंत आत्मीय उल्लास के साथ मनाया. मध्य प्रदेश के मालवा क्षेत्र में बसे इंदौर शहर का मानो हर ज़र्रा अपनी माटी से उपजे इस सुरों के कोहिनूर को बधाई और शुभकामना दे रहा था. इंदौर के बाशिंदे यूँ भी अपनी उत्सवप्रियता और आवभगत के लिए जाने जाते हैं. प्रख्यात गायक स्व. आमिर खाँ साहब और चित्रकार एमएफ़ हुसैन भी इसी सरज़मीं के हैं. ऐसे में जब बात सुरों की मलिका लता मंगेशकर के 75 वें जन्मदिन की हो तो इंदौर भला पीछे कैसे रहता? इंदौर ने 24 सितंबर से लेकर लताजी के जन्मदिन, 28 सितंबर तक सालगिरह का जश्न मनाया. इस जन्मोत्सव की अगुवाई, हिंदी के प्रमुख समाचार पत्र नईदुनिया ने की. विभिन्न संस्थाओं ने इस पहल से जुड़कर पूरे माहौल को लतामय बना दिया. 24 सितंबर से 28 सितंबर तक आकाशवाणी के इंदौर केंद्र, 'मालवा हाउस' का लताजी पर तैयार विशेष कार्यक्रम 'अमृत स्वर-लता' का प्रसारण किया गया. इसे आकाशवाणी के क्षेत्रीय प्रसारण के साथ ही विविध भारती के जरिए भी देश भर में प्रसारित किया गया. इस कार्यक्रम का प्रायोजन नईदुनिया ने किया था. इसमें अमीन सायानी, जगजीत सिंह और सुरेश वाडकर जैसी ख्यातनाम शख़्सियतों के लताजी पर विचार प्रसारित करने के साथ ही फिल्म समीक्षक अजातशत्रु, श्रीराम ताम्रकर, कलाकर्मी संजय पटेल, सुबोध होल्कर, पत्रकार निर्मला भुराड़िया और नईदुनिया के प्रधान संपादक श्री अभय छजलानी की बातचीत के जरिए लताजी के मशहूर गीत सुनवाए गए. कई आयोजन लताजी के जन्मदिन पर स्थानीय अभय प्रशाल सभागृह में नन्ही गायिका आकांक्षा जाचक ने सुरों की जो मिठास घोली वो श्रोताओं को लंबे समय तक याद रहेगी. यह कार्यक्रम श्रोता बिरादरी ने आयोजित की थी. मात्र 14 वर्षीय आकांक्षा ने लताजी के एक से एक यादगार गीत गाकर सभी का दिल जीत लिया.
इस महत्वपूर्ण मौके पर लताजी के भाई और प्रख्यात संगीतकार पं. हृदयनाथ मंगेशकर भी इंदौर पधारे. उन्होंने लताजी की सालगिरह के अवसर पर लालबाग में एक पौधा लगाया. साथ ही उन्होंने इंदौर में आयोजित एक अन्य कार्यक्रम 'तुमको हमारी उमर लग जाए' में शिरकत की यहाँ भी एक और नन्ही गायिका पलक मुछाल ने लता के गाने गाए. लताजी की सालगिरह के मौके पर नईदुनिया ने एक विशेष पुस्तक 'सृष्टि का अमृत स्वर लता' भी प्रकाशित की है. इस बहुरंगी आकर्षक पुस्तक में नईदुनिया में अब तक लताजी पर छपे आलेखों का संकलन है. लताजी पर बिरली जानकारियों और दुर्लभ चित्रों ने इस पुस्तक को संग्रहणीय बना दिया है. नईदुनिया के प्रधान संपादक श्री अभय छजलानी ने कहा कि -"लताजी की 75 वीं सालगिरह के मौके पर 'बधाई' बहुत छोटा शब्द है. लताजी का पचहत्तर बरस का होना हमें दोहरी खुशी देता है, क्योंकि वो इंदौर में जन्मीं. इस पूरे जश्न और पुस्तक के प्रकाशन के माध्यम से हम बस अपनी कृतज्ञता और शुभकामनाएँ लताजी तक पहुँचाना चाहते थे." सच, जिस शिद्दत के साथ इंदौर ने लताजी को याद किया है, वो अपनी माटी की लाडली बिटिया का सच्चा सम्मान है. |
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