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हॉलीवुड की फ़िल्म से नाराज़ हैं बौद्ध भिक्षु | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
श्रीलंका के बौद्ध भिक्षु इन दिनों हॉलीवुड की एक फ़िल्म का जमकर विरोध कर रहे हैं. बौद्ध भिक्षुओं का कहना है कि "हॉलीवुड बुद्धा" नाम की इस फ़िल्म में गौतम बुद्ध का मखौल उड़ाया गया है. इस फ़िल्म के पोस्टर में गौतम बुद्ध की मूर्ति के सिर पर एक आदमी को बैठे दिखाया गया है. कोलंबो के अमरीकी दूतावास के बाहर श्रीलंका, मलेशिया और बर्मा से आए लगभग 500 बौद्ध भिक्षुओं ने फ़िलिप केलैंड की फ़िल्म “हॉलीवुड बुद्धा” के ख़िलाफ़ प्रदर्शन किया. बौद्ध भिक्षु ये माँग कर रहे हैं कि "हॉलीवुड बुद्धा" से वो सारे दृश्य हटाए जाने चाहिए जिनसे बौद्ध धर्म का अपमान होता है. इससे पहले थाईलैंड में भी विरोध प्रदर्शन हो चुके हैं जिसके बाद फ़िल्म के वितरकों ने वे पोस्टर हटवा दिए थे जिनमें भगवान बुद्ध के सिर पर फ़िल्म के एक कलाकार को बैठे हुए दिखाया गया है. विवाद फ़िल्म "हॉलीवुड बुद्धा" की कहानी है सफलता की तलाश में जुटे एक निर्देशक की जो बौद्ध धर्म को अपनाकर सफलता हासिल करता है. मगर बौद्ध भिक्षु इससे नाराज़ हैं और उनका कहना है कि ये फ़िल्म गौतम बुद्ध और बौद्ध धर्म का मखौल उड़ाती दिखती है. बौद्ध भिक्षु सचु वारू कहते हैं,"ख़ासतौर पर पश्चिमी देशों के लोगों, अमरीकी सरकार और अमरीका के लोगों को समझने की ज़रूरत है कि आप ऐसे काम न करें जिससे कि गौतम बुद्ध का अपमान हो और बौद्ध लोगों की भावनाएँ आहत हों." इन बौद्ध भिक्षुओं की माँगों को श्रीलंका के संस्कृति मंत्री विजिता हेरात के इस बयान से बल मिला है कि उनकी नज़र में भी हॉलीवुड बुद्धा बौद्ध धर्मावलंबियों की भावनाओं को आहत करती है. |
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