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न्यूयॉर्क में भांगड़ा की धूम
भांगड़ा ने न्यूयॉर्क में भी अपनी धूम मचा दी है. धूम इतनी मची है कि भांगड़ा की एक अनोखी क़िस्म की अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता का आयोजन किया गया जिसमें कई टीमों ने हिस्सा लिया. भांगड़ा की सरज़मीं पंजाब से हज़ारों मील दूर अमरीका में ढोल, ठुमरी और ढुलकी की थाप ने लोगों को पंजाब के रंग में रंग दिया. न्यूयॉर्क में पिछले सप्ताह शनिवार को अमरीका और कनाडा की भांगड़ी टीमों ने एक धमाकेदार कार्यक्रम प्रस्तुत किया. भांगड़ा के शोकीन हजारों लोग शहर के मशहूर मनहट्टन सेंटर पर हुई मस्ती को देखने के लिए इकट्ठा हुए.
अमरीका की टीमों में शामिल थीं बोस्टन भांगड़ा, रंगीला पंजाब, ख़ालसा जंक्शन, जरसी दे शेर और कनाडा से जो टीमें आई थीं उनमें वैंकुवर भांगड़ा एक्सप्लोज़न और ब्रिटिश कोलंबिया की भांगड़ा टीमें शामिल थीं. हर टीम में कम से कम 16 सदस्य होना ज़रूरी था और उनमें लड़कियाँ और लड़के दोनों मिलकर भांगड़ा प्रस्तुत करना था. जब भांगड़ा के ढोल और ढुलकी की थाप शुरु हुई तो लोगों के पैर अपने आप ही थिरकने लगे और ऐसा समाँ बँधा कि पूरा हॉल ही जैसे स्टेज बन गया क्योंकि जो जहाँ था वहीं नाचने लगा. भांगड़ा भारत से बाहर विदेशों में पंजाबी संस्कृति का सबसे बेहतरीन नुमाइंदा है और जब भांगड़ा की बात आती है तो सिर्फ़ पंजाब ही नहीं हर संस्कृति के लोग उसका मज़ा लेने से पीछे नहीं हटते. थिरकन बीस साल से अमरीका में रह रहे एक अधेड़ उम्र के पंजाबी राजेन्दर सिंह ढोल की थाप पर बार-बार कंधे उचकाकर नाचने लगते थे. जब मैंने पूछा कि क्या पंजाब की याद ताज़ा हो गई है तो उनका जवाब था, "पंजाब का मज़ा आ रहा है. बहुत अच्छा कार्यक्रम है, अपने भारत से सब आए हुए हैं." पंजाबी भी हैं, गुजराती और बंगाली भी. भांगड़ा सारे भारतीयों को साथ ले आया है.
लड़कियों की इस टीम ने पारंपरिक पंजाबी लिबास पहन रखे थे और पुराने पंजाबी गीतों के साथ भांगड़ा और गिद्धा नाच दिखाया तो लोग झूम उठे. ब्रूकलिन से आए हिलौर सिंह कहने लगे, "मैं तो इत्थे पंजाबी हूँ और भांगड़ा के इस कार्यक्रम में मुझे बड़ा मज़ा आया. मैं ख़ूब नाचा आज. अपना पंजाब आँखों के सामने आ जाता है. "ढोल का बजना, चिमटे का खड़खड़ाना और लोगों का नाचना, लगता है न्यूयॉर्क में ही पंजाब खिल उठा है." उन्हीं के साथी नवतेज सिंह का कहना था, "मुझे अपनी संस्कृति और अपने लोगों को भांगड़ाके साथ यहाँ न्यूयॉर्क में देखने की उम्मीद नहीं थी. सचमुच यह सब देखकर बहुत मज़ा आया. शिकायत लेकिन कुछ दर्शकों को यह शिकायत थी कि उनके नाचने के लिए पर्याप्त जगह नहीं थी.
दर्शकों के नाचने के लिए जगह काफ़ी नहीं थी. इस तरह के कार्यक्रमों में अगर दर्शक ना नाच सकें तो फिर मज़ा नहीं आता." इस प्रतियोगिता में जजों ने बाक़ायदा टीमों के प्रदर्शन पर नंबर दिए. जजों में मशहूर पंजाबी गायग जैज़ी बी भी शामिल थे. और प्रदर्शन के आधार पर कनाडा के वैंकुवर की भांगड़ा एक्सप्लोज़न टीम को चैम्पियन घोषित किया गया. दूसरे नंबर पर लॉस एंजल्स की ख़ालसा जंक्शन टीम रही. बोस्टन भांगड़ा को तीसरा स्थान मिला. लेकिन हार-जीत से क्या फ़र्क पड़ता है. अहम बात ये थी कि नाचने वालों और देखने वालों सभी ने इस कार्यक्रम का बहुत लुत्फ़ उठाया. यहाँ तक कि जज जैज़ी बी ने भी एक ख़ास कार्यक्रम पेश किया और लोगों की वाहवाही लूटी. चैंपियन टीम को पाँच हज़ार डॉलर ईनाम दिया गया और दूसरे नंबर की टीम को ढाई हज़ार डॉलर. न्यूयॉर्क की टीम के विजेन्दर सिंह कहते हैं, "ईनाम में इतना पैसा है कि अब और टीमें आएंगी और हम लोग भी अगले साल ज़्यादा अच्छी तैयारी करके आएंगे." इस प्रतियोगिता के आयोजक शिहिर मिश्रा ख़ुद तो इलाहाबाद के हैं लेकिन पंजाबी संस्कृति से ख़ासे प्रभावित थे. "इस तरह के कार्यक्रम के ज़रिए हम आपनी संस्कृति का मज़ा लेने के साथ-साथ उससे जुड़े भी रहते हैं और परिवारों का मनोरंजन भी हो जाता है." |
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