रियल लाइफ में पास लेकिन रील लाइफ में फेल

अभि-ऐश

हाल ही में बीबीसी को दिए एक इंटरव्यू में अभिषेक बच्चन ने पत्नी ऐश्वर्या राय के साथ दोबारा अभिनय करने की इच्छा ज़ाहिर की.

अभिषेक कहते हैं, ''ऐश्वर्या ने हाल ही में काम की ओर वापसी की है. वो कुछ फिल्मों की कहानियां पढ़ रही हैं. अगर कोई अच्छी कहानी हमारे सामने आती है तो हम ज़रूर साथ में काम करना चाहेंगे. हमें एक दूसरे के साथ काम करना पसंद है. वो मेरी बहुत सारी फिल्मों में हीरोइन रहीं हैं. मुझे उनके साथ काम करने में बहुत मज़ा आता है.''

लेकिन शायद अभिषेक ये भूल गए हैं कि बॉक्स ऑफिस पर ऐश्वर्या के साथ उनकी जोड़ी एक नहीं कई बार पिट चुकी है. ये जोड़ी पहली बार साल 2000 में आई फिल्म 'ढाई अक्षर प्रेम के' में साथ नज़र आई. तब से लेकर अब तक ये दोनों कुल सात फिल्में साथ में कर चुके हैं.

खैर अभिषेक-ऐश्वर्या की जोड़ी को भले ही कम सफलता मिली हो लेकिन अजय देवगन और काजोल की जोड़ी ऐसी रही जिसने शादी से पहले एक नहीं कई हिट फिल्में दी. लेकिन शादी के बाद इस जोड़ी का जादू भी टिकेट खिड़की पर चल नहीं पाया. 'राजू चाचा' हो या फिर 'दिल क्या करे' इन फिल्मों को मुँह की खानी पड़ी.

असल ज़िंदगी का प्यार

सैफ-करीना

सैफ अली खान और उनकी पत्नी करीना कपूर की जोड़ी भी बॉक्स ऑफिस पर फेल रही. न ‘क़ुरबान’ चली, न ‘टशन’ और न ही ‘एजेंट विनोद’.

हाल ही में सैफ ने ये कहा कि वो अपनी पत्नी को बड़े परदे पर दूसरे अभिनेताओं के साथ ही काम करते देखना चाहेंगे. इतना ही नहीं सैफ ये भी मानते हैं कि जब आप असल ज़िंदगी में किसी से प्यार करते हैं तो आप सोचते हैं की परदे पर उसे दिखाने की क्या ज़रूरत है वो तो खुद ही नज़र आ जाएगा.

लेकिन दर्शक इस बात को नहीं मानते. अगर वो कोई प्रेम कहानी देख रहे हैं तो वो चाहते हैं कि दोनों कलाकार अपने अपने किरदार निभाएं न कि सैफ और करीना ही बने रहें.

कई बार ये देखा गया है कि फिल्म को लोकप्रिय बनाने के लिए फिल्मकार जान बूझकर ऐसी ही जोड़ियों को लेते हैं जो असल ज़िंदगी में भी एक दूसरे के साथ हैं. क्या काम करता है ये फार्मूला. क्या कहते हैं इस बारे में फिल्म समीक्षक और ट्रेड विश्लेषक तरण आदर्श?

समझदार

बीबीसी से बातचीत में तरण कहते हैं, ''हां ऐसा कई बार होता है लेकिन आज की तारीख़ में कलाकार खुद ही समझदार हो गए हैं. वो जानते हैं कि फिल्म को बेचने के लिए उनकी जोड़ी का इस्तेमाल हो रहा है. इस बात से उन्हें कोई समस्या नहीं है लेकिन साथ ही वो ये भी चाहते हैं कि कहानी में भी दम हो.''

अपनी बात पूरी करते हुए वो कहते हैं, ''अगर फिल्म का कंटेंट अच्छा नहीं होगा तो केमिस्ट्री भी अच्छी नहीं होगी. किसी बड़ी रियल लाइफ जोड़ी को परदे पर साथ में देखने के लिए फिल्म के पहले शो में तो दर्शक आ जाएंगे लेकिन उसके बाद अगर लोगों को ये लगेगा की फिल्म कुछ खास नहीं है तब ये जोड़ी काम कर ही नहीं सकती.''

दीपिका रणबीर

वैसे हाल ही में आई फिल्म 'ये जवानी है दीवानी' तरण की इस बात को साबित भी करती है. दर्शकों को फिल्म सिर्फ इसलिए पसंद नहीं आई क्योंकि इस फिल्म में रणबीर कपूर और दीपिका पादुकोण हैं. लोगों को फिल्म की कहानी पसंद आई.

हालांकि आज की तारीख में रणबीर और दीपिका साथ में नहीं हैं लेकिन एक वक़्त ऐसा था जब इनका प्यार चरम पर था. उस वक़्त इस जोड़ी ने 'बचना-ए-हसीनों' नाम की एक फिल्म की थी जो बॉक्स ऑफिस पर पिट गई थी.

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