'भारत में महिलाओं के प्रति पिछड़ी सोच'

मल्लिका शेरावत
इमेज कैप्शन, कान समारोह में लगभग हर साल मल्लिका जाती हैं.

बॉलीवुड और हॉलीवुड में काम कर रही अभिनेत्री मल्लिका सहरावत अक्सर विवादों में रहती हैं और इस बार उनका महिलाओं के बारे में दिया बयान खासा चर्चा में है.

मल्लिका ने कान समारोह में एक इंटरव्यू के दौरान ये कहकर मीडिया का ध्यान बटोर लिया कि महिलाओं के लिए भारत एक बेहद ही पाखंडी और पिछड़ी सोच वाला देश है जहां औरतों को सबसे निचले दर्जे पर रखा जाता है.

मल्लिका के इस बयान पर अलग-अलग प्रतिक्रिया हो रही है. जहां कल्कि जैसी अभिनेत्री ने इसका समर्थन किया है तो प्रियंका चोपड़ा ने इसका विरोध किया है.

मल्लिका ने ये भी कहा कि अब जब कि वो अपना आधा वक्त अमरीका में गुज़ारती हैं जहां उन्हें बहुत स्वतंत्रता मिलती है, ऐसे में भारत जैसे देश में लौटना जहां औरतों की आज़ादी पर पाबंदी लगाई जाती है काफी दुखद होता है.

पुतलों पर प्रतिबंध

मल्लिका की इस टिप्पणी से अभिनेत्री कल्कि केकलां काफी हद तक सहमत हैं. कल्कि कहती हैं कि भारत वाकई में महिलाओं के लिए पिछड़ी सोच रखता है शायद तभी शोरूम में <link type="page"><caption> अंतर्वस्त्र पहने पुतलों पर प्रतिबंध</caption><url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/india/2013/05/130528_mannequins_bikini_ban_pp.shtml" platform="highweb"/></link> लगाने का सुझाव दिया जा रहा है.

मल्लिका शेरावत

वहीं इससे उलट अभिनत्री प्रियंका चोपड़ा का मानना है कि मल्लिका ने जो कहा वो काफी दुखद है और एक भारतीय महिला का अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपने देश का इस तरह वर्णन करना बिल्कुल ठीक नहीं है.

प्रियंका मानती हैं कि भारत में हर जगह हालात अच्छे नहीं हैं लेकिन स्थिति इतनी निराशाजनक भी नहीं है जितनी मल्लिका बता रही है.

निर्देशक विक्रम भट्ट ने कहा "हमें मल्लिका को सीरियसली नहीं लेना चाहिए, वो क्या बोलती हैं उससे कोई फर्क नहीं पड़ता."

वहीं टिस्का चोपड़ा के मुताबिक हो सकता है कि मल्लिका ने ये सब अपने अनुभव के आधार पर कहा हो.

मल्लिका का भारत को औरतों के लिहाज़ से एक पिछड़ा देश बताना कितना सही है इस पर आप भी अपनी राय दे सकते हैं.

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