मैं घर से क्यों भागी: लता मंगेशकर

- Author, लता मंगेशकर
- पदनाम, पार्श्वगायिका
मैं अपने भाई-बहनों की सख़्त दीदी नहीं थी. मैं उनसे बहुत प्यार करती हूं. मैंने वो दिन भी देखे हैं जब पिताजी की मृत्यु हुई तो बड़ी मुश्किल से काम शुरु किया.
अपनी मां और अपने बहन-भाईयों को मैं किस तरह संभालती थी. अपने बच्चों(भाई-बहन) के लिए मैंने मां और पिता दोनों का रोल निभाया. आज तक मैंने उन्हें कभी डांटा नहीं.

हम भाई-बहनों की सबसे ख़ास बात ये थी कि हमारे बीच कभी झगड़ा नहीं हुआ, हम आज तक नहीं लड़े हैं.
हम लोग सांगली में बहुत बड़े घर में रहते थे, पिताजी ने वो घर बनवाया था. <link type="page"><caption> मुझे बचपन से गाने का शौक था</caption><url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/entertainment/2013/04/130409_lata_mangeshkar_filmsongs_pkp.shtml" platform="highweb"/></link>.
मेरे पिताजी को मां के हाथ की बनाई कुछ चीज़ें बहुत अच्छी लगती थी. वैसे तो घर में खाना बनाने के लिए एक नौकर था लेकिन पिताजी के लिए मां कुछ ना कुछ बनाती रहती थी.
मैं उनके पीछे पीछे किचन में चली जाती थी और एक स्टूल पर खड़े होकर मां को गाना सुनाती थी.
मां कहती थी अरे तू मुझे खाना बनाने दे लेकिन मैं कहती नहीं तुम सुनो ना. मैं उन्हें बाबा के गाने और सहगल के गाने गाकर सुनाती थी.
मां मुझसे नाराज़ हो जाती थी और कहती थी अरे ये लड़की तो मुझे काम ही नहीं करने देती.
<link type="page"><caption> (पढ़िए भारतीय सिनेमा के सौ साल पर बीबीसी हिंदी विशेष)</caption><url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/indepth/100years_cinema_va.shtml" platform="highweb"/></link>
जब मां मुझे मारती थी

मैं बहुत शरारती थी. मेरी मां मुझे पकड़कर मारती भी थी. मैं गुस्से में अपनी फ्रॉक को गठरी में बांधकर कहती थी मैं घर छोड़कर जा रही हूं.
मैं वाकई में सड़क पर निकल जाती थी. घर के पास एक तालाब जैसा था और मां सोचती थी कि कहीं मैं वहां गिर ना जाऊं इसलिए मुझे वापिस लाने के लिए नौकरों को भेजती थी.
एक बार मैं घर छोड़कर बाहर निकल गई तो बालकनी में पिताजी खड़े थे और उन्होंने कहा कि हां-हां लता को जाने दो, इसको बहुत तकलीफ देते हैं हम लोग. जाओ जाओ लता.
पिताजी ऐसा बोल रहे थे और मैं पीछे मुड़-मुड़कर देख रही थी कि कोई मुझे रोकने आए लेकिन कोई नहीं आ रहा था.
घऱ में गवैया बैठा है
<link type="page"><caption> हमारे घऱ में माहौल संगीत का ही रहता था</caption><url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/entertainment/2012/12/121229_latamangeshkar_calendar_ks.shtml" platform="highweb"/></link>. हालांकि मेरी मां नहीं गाती थी लेकिन वो गाना समझती थी. पिताजी सुबह साढ़े पांच बजे तानपुरा लेकर शुरु हो जाते थे.
एक बार मेरे पिताजी अपने शागिर्द को संगीत सिखा रहे थे. उन्हें शाम को कहीं जाना पड़ गया तो उन्होंने शागिर्द से कहा कि तुम अभ्यास करो मैं आता हूं.
मैं बालकनी में बैठे शागिर्द को सुन रही थी. मैं उसके पास गई और कहा कि ये बंदिश तुम गलत गा रहे हो. इसे ऐसे गाते हैं और मैंने उसको वो बंदिश गाकर सुनाई.
इतनी देर में पिताजी आ गए और मैं वहां से भागी.

उस वक्त मैं चार-पांच साल की ही थी और पिताजी को नहीं पता था कि मैं गाती भी हूं. शागिर्द के जाने के बाद पिताजी ने मां से कहा कि अपने घर में गवैया बैठा है और हम बाहर वालों को सिखा रहे हैं.
अगले दिन पिताजी ने मुझे छ बजे उठाकर तानपुरा थमा दिया.
हीरो की बहन का रोल
फिल्मों में गाना गाने से पहले मैं एक मराठी कंपनी प्रफुल्ल पिक्चर्स में काम करती थी.
मेरे लिए कोई विशेष रोल नहीं बनते थे. मैं छोटे-छोटे रोल करती थी हीरो की बहन,कभी हीरोइन की बहन का रोल. उस वक्त मैं 14 साल की थी.
बस कंपनी में काम करती थी और घर आकर रियाज़ करती थी. जो कुछ भी पिताजी से सीखा था उसका अभ्यास करके ही आगे बढ़ी.
एक वक्त ऐसा था जब मुझे फिल्म समझने की बुद्धि नहीं थी लेकिन गाने बहुत अच्छे लगते थे. मैं मेरे पिताजी से कहती थी कि मुझे सहगल बहुत अच्छे लगते हैं.
दिन रात सहगल सहगल सहगल चलता था हमारे घर. मैं 1942 में फिल्मों में आई और इस साल अक्टूबर में फिल्म इंडस्ट्री में मेरे 71 साल पूरे होंगे.
अगर भारतीय सिनेमा के 100 साल पूरे हुए हैं तो उसमें सत्तर साल मेरे हैं.
(बीबीसी एशियन नेटवर्क की लता मंगेशकर से बातचीत पर आधारित. इस दिलचस्प बातचीत के कुछ और अंश हम आप तक अगले हफ्ते पहुंचाएंगे.)
<bold>(बीबीसी हिन्दी के <link type="page"><caption> एंड्रॉएड ऐप</caption><url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/multimedia/2013/03/130311_bbc_hindi_android_app_pn.shtml " platform="highweb"/></link> के लिए क्लिक करें. आप हमें <link type="page"><caption> फेसबुक</caption><url href="http://www.facebook.com/bbchindi" platform="highweb"/></link> और <link type="page"><caption> ट्विटर</caption><url href="https://twitter.com/BBCHindi" platform="highweb"/></link> पर भी फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)</bold>












