अमिताभ के नाम दुष्यंत कुमार का एक ख़त

सत्तर के दशक में हिंदी साहित्य के प्रसिद्ध कवि दुष्यंत कुमार ने उस वक्त के एक उभरते हुए अभिनेता को एक ख़त लिखा था. ये ख़त था अमिताभ बच्चन के नाम.
उस वक्त दुष्यंत कुमार कहां जानते थे कि उनका 'प्रिय अमित' एक दिन सदी का महानायक कहलाएगा.
अमिताभ को लिखी गई ये चिट्ठी अब भोपाल शहर में स्थित दुष्यंत कुमार स्मारक पांडुलिपि संग्रहालय की शान बढ़ा रही है.
दुष्यंत कुमार की पत्नी राजेश्वरी त्यागी ने ये पत्र संग्रहालय को सौंपा है.
दीवार का अभिनय
दुष्यंत कुमार ने अमिताभ को ये ख़त फिल्म 'दीवार' देखने के बाद लिखा था जिसमें उन्होंने बच्चन के अभिनय की तारीफों के पुल बांधे थे.
ख़त में दुष्यंत ने लिखा कि दीवार में अमिताभ का 'अभिनय इतना अच्छा था कि ऐसा लगा ही नहीं कि वो एक्टिंग कर रहे हैं'. साथ ही अमिताभ ने 'अपना रोल इतने आत्म विश्वास के साथ निभाया है कि वो सिर्फ और सिर्फ तारीफ के क़ाबिल है'.
यही नहीं दुष्यंत ने अपने पत्र में शशि कपूर का ज़िक्र करते हुए लिखा है कि उनके जैसा सितारा भी फिल्म में अमिताभ के आगे छोटा लग रहा था.
चिट्ठी में दुष्यंत कुमार ने अमिताभ से अपने इलाहाबाद के दिनों का भी ज़िक्र किया जब वो हिंदी के महान कवि और अमिताभ के पिता हरिवंश राय बच्चन के घर भी जाया करते थे.
उन्होंने लिखा है कि वैसे तो वो बच्चन परिवार के दिल्ली निवास पर भी कई बार गए लेकिन उन्हें नहीं पता था हरिवंश का बेटा इस मुकाम पर पहुंच जाएगा कि वो उसे एक ख़त लिखना चाहेंगे.
हरिवंश के 50 ख़त
संग्रहालय के निदेशक राजुरकर राज ने बीबीसी को बताया कि ये पत्र दुष्यंत कुमार ने अपने हाथ से लिखा था जिसकी टाइप्ड प्रति अमिताभ बच्चन को भेजी गई थी.
राजुरकर ने ये भी बताया कि हरिवंश राय बच्चन के हाथ से लिखे करीबन 50 पत्र भी संग्रहालय में है जिसे देखने के लिए एक बार जया बच्चन बगैर किसी पूर्व सूचना के संग्रहालय पहुंच गई थी.
गौरतलब है कि हरिवंश राय बच्चन और दुष्यंत कुमार समकालीन कवि के साथ साथ अच्छे मित्र भी थे. इस पत्र को लेकर फिलहाल अमिताभ बच्चन की ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है.












