
सलमान खान की फ़िल्म दबंग जब सिनेमा स्क्रीन पर आई तो गुंडों को उठाकर, घुमाकर फेंक देने वाला वो ऐक्शन हीरो चुलबुल पांडे हिट हो गया. बस फिर क्या था दूसरों ने भी इस मौक़े का फ़ायदा उठाया और कुछ ऐसे ही ऐक्शन वाली फ़िल्मों की लाइन लग गई.
मगर अब सलमान ख़ान ने ऐसी ऐक्शन फ़िल्मों को लेकर एक डर जताया है.
उनकी फिल्म 'दबंग 2' रिलीज़ के लिए तैयार है और सब जानते हैं कि 'दबंग 2', ज़बरदस्त ऐक्शन फिल्म है. लेकिन सलमान ने साफ कह दिया कि ऐक्शन फिल्में इतनी ज़्यादा बनने लगीं कि ये दौर जल्द ही खत्म हो सकता है.
मुंबई में 'दबंग 2' के बारे में बात करते हुए सलमान बोले, "कुछ ज़्यादा ही ऐक्शन हो रहा है इन दिनों. ये जो मेरा स्टाइल है बेल्ट पकड़कर डांस करना, उड़कर हवा में फाइट करना, 10-10 गुंडों को चित्त कर देना, ये सब आजकल पर्दे पर बहुत हो रहा है. अगर ऐक्शन जॉनर में गंभीरता नहीं आई तो ये दौर खत्म हो जाएगा."
दरअसल दबंग की सफलता के बाद सिंघम और राउडी राठौड़ जैसी फ़िल्में ऐक्शन करने वाले पुलिस अधिकारियों पर थीं. इसके अलावा ख़ुद सलमान ने बॉडीगार्ड और एक था टाइगर जैसी फ़िल्मों में जो ऐक्शन किया वो उसी लीक पर था.
सलमान का डर?
ऐसे में एक के बाद एक इस तरह की फ़िल्मों की सफलता ने दूसरों को भी इस वर्ग में हाथ आजमाने का लालच दिया है और सलमान के मन में शायद ये डर भी डाल दिया है कि अब दर्शक बहुत ज़्यादा समय तक शायद ऐसी फ़िल्में स्वीकार न करें.
सलमान ने ये भी बताया कि फिल्म 2010 में रिलीज़ हुई 'दबंग' की स्क्रिप्ट को शुरुआत में कोई हाथ लगाने को भी तैयार नहीं था.
वो बताते हैं, "फिल्म की कहानी में ग्रामीण पृष्ठभूमि थी. हीरो की मूंछें थीं. कोई इस कहानी को पसंद नहीं कर रहा था. कई बड़े कलाकारों ने इसमें काम करने से इनकार कर दिया. फिर जब हमने इस पर फिल्म बनानी शुरू की तो लोगों ने कहा हम ग़लती कर रहे हैं. लेकिन देखिए फिल्म इतनी हिट हो गई."
'दबंग 2' का निर्देशन सलमान के भाई अरबाज़ ख़ान ने किया है.
सलमान ने बताया कि भाई के निर्देशन में काम करना उनके लिए बेहद सहज रहा क्योंकि वो खुलकर उन्हें सुझाव दे पाते थे.
फिल्म में सोनाक्षी सिन्हा भी मुख्य भूमिका है. ये 21 दिसंबर को रिलीज़ हो रही है और फिल्म व्यापार विशेषज्ञों का आकलन है कि फिल्म को ज़बर्दस्त ओपनिंग मिलेगी.








