
अरबाज़ खान फिल्म निर्देशन में आने से पहले एक्टर थे
सलमान ख़ान की सुपर हिट फिल्म 'दबंग' को आए लगभग दो साल होने को है लेकिन उनके चाहने वालों के ज़हन में फिल्म की यादें अभी भी बिल्कुल ताज़ा हैं.
और शायद यही वो वजह है कि 'दबंग' के निर्माता-निर्देशक अरबाज़ ख़ान 'दबंग-2' लेकर आ रहे हैं.
इस फिल्म में फिर वही टीम एक साथ आ रही है, जिन्हें 'दबंग' एक की सफलता का श्रेय दिया जाता है.
बीबीसी हिंदी से एक ख़ास बाचचीत में फिल्म के निर्माता-निर्देशक अरबाज़ ख़ान ने बताया कि असल में उन्होंने अपने करियर की शुरुआत ही निर्देशन से की थी.
अपने करियर के शुरुआती दिनों में उन्होंने महेश भट्ट के साथ जुर्म, कब्ज़ा और आवारगी जैसी फिल्मों में सहायक निर्देशक के तौर पर काम करना शुरू किया था.
लेकिन जब उन्हें एक्टिंग के ऑफर मिलने लगे तो उन्होंने एक्टिंग में करियर बनाने की सोची और 14 सालों तक एक्टिंग करते रहे.
नया नहीं है 'निर्देशन'
फिर सालों बाद उन्होंने 'दबंग' से फिल्म निर्माण में दोबारा कदम रखा और जब 'दबंग-2' बनाने का समय आया तो उन्होंने निर्देशन की कमान की बख़ूबी थाम ली.
अरबाज़ के अनुसार उनके मन में निर्देशन को लेकर कोई डर नहीं था क्योंकि उनके लिए ये कोई नई चीज़ नहीं है. वे इसी माहौल में पले-बढ़े हैं और एक्टर व निर्माता तौर पर भी उन्होंने काफी कुछ सीखा था.
"मैं चाहूंगा कि सलमान के साथ काम करूं लेकिन वे काफी बड़े और व्यस्त कलाकार हैं और अपना पूरा समय मुझे नहीं दे सकते. इसलिए मैं सिर्फ अच्छी फिल्म बनाने की कोशिश करुंगा और इस दौरान मुझे जिस किसी भी कलाकार की ज़रुरत होगी मैं उसके साथ काम करुंगा. "
अरबाज़ खान, फिल्म निर्देशक
अरबाज़ कहते हैं कि, ''निर्देशन करना एक 'च्वाइस' की बात है. आप चाहे कितना भी अच्छा सीन शूट कर ले लेकिन आप जो चाहते हैं अगर वो दर्शकों के साथ जुड़ नहीं पाता तो सारी मेहनत बेकार है.''
हालांकि वो ये भी कहने से चूकते कि 'दबंग-1' भी उनकी ही फिल्म है क्योंकि वे उस फिल्म से पूरी तरह से जुड़े हुए थे. उनका काम एक क्रिएटिव प्रोड्यूसर का था. और फिल्म की स्टोरी से लेकर लोकेशन के चुनाव तक उनकी अहम भूमिका थी.
अरबाज़ के मुताबिक 'दबंग-2' की 'दबंग-1' से कोई प्रतिस्पर्धा नहीं है, लेकिन वे चाहेंगे कि ये फिल्म पहली फिल्म की तरह ही सफल हो.
अपने भविष्य की योजनाओं पर अरबाज़ ने कहा कि, ''मैं चाहूंगा कि सलमान के साथ काम करूं लेकिन वे काफी बड़े और व्यस्त कलाकार हैं और अपना पूरा समय मुझे नहीं दे सकते. इसलिए मैं सिर्फ अच्छी फिल्म बनाने की कोशिश करूंगा और इस दौरान मुझे जिस किसी भी कलाकार की ज़रुरत होगी मैं उसके साथ काम करूंगा. ''
अरबाज़ ने ये भी कहा कि सिर्फ एक्टर ही नहीं वे नए डायरेक्टर, लेखक और संगीतकार के साथ भी काम करना चाहेंगे.
सलमान से रिश्ता
सलमान के साथ काम करने के अनुभव के बारे में अरबाज़ कहते हैं कि, ''भाई एक बड़े स्टार हैं और मैं एक नया निर्देशक और हम दोनों एक-दूसरे की इस बात के लिए सम्मान करते थे. ना उन्होंनें मुझ पर कोई बात थोपी ना मैंने किसी ग़लत बात के लिए ज़िद की. हमने बड़े ही स्वस्थ और दोस्ताना माहौल में ये फिल्म बनाई है.''

2010 में रिलीज़ हुई फिल्म दबंग काफी सफल रही थी
अरबाज़ ये भी कहते हैं कि फिल्म बनाने के दौरान उन्होंने खुद में काफी बदलाव भी देखा. पहले जब वो एक्टिंग करते थे तो कई छोटी- छोटी बातों पर परेशान हो जाते थे लेकिन अब उनमें काफी धैर्य आ गया है.
फिल्म की कहानी दिलीप शुक्ला ने लिखी है. अरबाज़ कहते हैं कि 'दबंग-1' लोगों को पसंद आने के बाद ही उन्होंने 'दबंग-2' बनाने का फैसला किया.
उनके मुताबिक 'दबंग-1' उनका पहला बच्चा है और 'दबंग-2' दूसरा और दो बच्चों के बीच कभी कोई तुलना नहीं की जा सकती क्योंकि पहले की वजह से ही दूसरे का आना तय हुआ है.
'दबंग' के निर्देशक अभिनव कश्यप द्वारा फिल्म ना करने पर अरबाज़ ने कहा, ''अभिनव को बाक़ायदा फिल्म ऑफर की गई थी लेकिन बाद में उन्होंने निजी कारणों से फिल्म करने से मना कर दिया, जिसका हमने सम्मान किया.''
अरबाज़ जानते हैं कि 'दबंग-2' का निर्देशन करने का फैसला उनके लिए एक चुनौती के समान है. उन्होंने एक रिस्क लिया है जिसके सफल होने पर वे अपनी छाप छोड़ सकते हैं.
वे ये भी कहते हैं कि उन्हें ये मालूम है कि एक्टिंग के क्षेत्र में उन्होंने कोई बड़ा काम नहीं किया है इसलिए उन्होंने फिल्म मेकिंग में हाथ आज़माने का फैसला किया.
और अब इसी क्षेत्र में आगे बढ़ने की कोशिश करेंगे.








