नहीं पता था बड़ा नाम करूंगा : आमिर खान

 शुक्रवार, 23 नवंबर, 2012 को 07:28 IST तक के समाचार
आमिर खान

फिल्म 'तलाश' के प्रमोशन के दौरान आमिर खान और रानी मुखर्जी.

साल 1988 में आमिर खान की फिल्म रिलीज़ हुई थी 'क़यामत से क़यामत तक'.

फिल्म में गाना था, 'पापा कहते हैं बड़ा नाम करेगा', जो आमिर पर ही फिल्माया गया था. साल 2013 में आमिर खान को फिल्मों में आए 25 साल हो जाएंगे. लेकिन क्या उस वक्त आमिर ने खुद सोचा था कि वो बड़ा नाम करेंगे.

आमिर से जब ये सवाल पूछा गया तो उन्होंने कहा, नहीं, बिलकुल नहीं.

वो पुराने दिनों का एक वाकया याद करते हुए कहते हैं, "मेरे शुरुआती दिनों में अभिनेत्री तबस्सुम ने मुझसे पूछा कि क्या तुमको लगता है कि तुम दिलीप कुमार, देव आनंद या राज कपूर की तरह लंबी पारी खेल पाओगे. तो मैंने कहा जी नहीं. इतना लंबा मैं कहां चल पाऊंगा." आमिर के मुताबिक इसी वजह से वो अपने आपको खुशनसीब पाते हैं कि वो इतना चल पाए.

करियर के 25 साल

"मेरे शुरुआती दिनों में अभिनेत्री तबस्सुम ने मुझसे पूछा कि क्या तुमको लगता है कि तुम दिलीप कुमार, देव आनंद या राज कपूर की तरह लंबी पारी खेल पाओगे. तो मैंने कहा जी नहीं. इतना लंबा मैं कहां चल पाऊंगा."

आमिर खान, अभिनेता

आमिर कहते हैं, "मेरे करियर का 25वां साल मेरे लिए बहुत अहम होगा. मेरी फिल्म धूम 3 इस साल रिलीज़ होगी. फिर मैं राजकुमार हीरानी के साथ अपनी फिल्म पीके की शूटिंग शुरु करूंगा. फिर मैं अपने टीवी शो सत्यमेव जयते के दूसरे हिस्से की शूटिंग शुरू करूंगा."

आमिर अपनी आने वाली फिल्म 'तलाश' के बारे में मीडिया से बात कर रहे थे तो अपने पुराने दिनों को भी याद कर डाला.

क्या ज़बरदस्त कामयाबी मिलने से और टॉप पर पहुंचने के बाद इंसान अपने आपको अकेला महसूस करता है. जब आमिर से ये पूछा गया तो वो बोले, "कम से कम मैं तो ऐसा महसूस नहीं करता. मैं तो कई लोगों को अपने से जुड़ा महसूस करता हूं. मुझे कई लोगों की मोहब्बत मिली है."

फिर वो हंसते हुए कहते हैं, "ऐसा शायद इसलिए कि मैं टॉप पर नहीं हूं."

'दखलअंदाज़ी नहीं'

आमिर पर अक्सर निर्देशक के काम में दखलंदाज़ी का आरोप लगता है.

लेकिन क्या ये सच है. इसके जवाब में आमिर कहते हैं, "ये बिलकुल सच नहीं है. आप खुद सोचिए. अगर निर्देशक के काम में मैं अपना विज़न डालूंगा तो मेरी हर फिल्म एक जैसी लगेगी ना. मेरी हर फिल्म अलग अलग लगती है. क्योंकि उनके निर्देशक अलग-अलग होते हैं. उसमें वो अपनी सोच डालते हैं."

आमिर कहते हैं कि वो बहुत सोच समझकर कहानी और निर्देशक का चुनाव करते हैं. फिर जब वो इतनी मेहनत करके निर्देशक का चुनाव करते हैं तो उसे उसका काम भला क्यों नहीं करने देंगे.

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