
अपने टीवी 'शो सत्यमेव जयते' की सफलता के बाद बॉलीवुड अभिनेता आमिर खान टाइम पत्रिका के कवर पर नजर आ रहे हैं.
कार्यक्रम सत्यमेव जयते की मेजबानी आमिर खान ने की थी और इसमें भारत से जुड़े कई अहम सामाजिक मुद्दों को उठाया गया है.
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टाइम पत्रिका ने अपने कवर पर आमिर की तस्वीर छापी है और कैप्शन दिया है- खान्ज़ क्वेस्ट (Khan’s quest).
साथ में लिखा गया है- वे बॉलीवुड के ढर्रे को तोड़ने की कोशिश में लगे हैं- भारतीय की सामाजिक बुराइयों के खिलाफ आवाज उठाकर. क्या एक अभिनेता किसी देश को बदल सकता है.
भारत की गिनी चुनी हस्तियों को ही टाइम के कवर पर जगह मिली है जिसमें सचिन तेंदुलकर, सानिया मिर्जा, इंदिरा गांधी और नरेंद्र मोदी जैसी हस्तियों के नाम शामिल हैं.
फिल्मी हस्तियों की लिस्ट तो और भी छोटी है. टाइम मैगजिन पर ऐश्वर्या राय और परवीन जैसी चंद हस्तियों को ही जगह मिली है.
तारीफ भी, आलोचना भी
आमिर खान ने पहली बार टेलिवज़न की दुनिया में कदम रखते हुए इस साल सत्यमेव जयते कार्यक्रम शुरु किया था. उनकी कंपनी न सिर्फ इस शो के प्रोडक्शन में जुड़ी थी बल्कि आमिर खुद इस कार्यक्रम के होस्ट भी थे.
इसमें उन्होंने कन्या भ्रूण हत्या, मेडिकल पेशे में कथित बेइमानी, इज्जत के नाम प हत्या और दहेज जैसे संवेदनशील मुद्दों को उठाया.
एक ओर जहाँ आमिर खान को समाज के एक तबके से इन मुद्दों को उठाने के लिए काफी वाहवाही मिली वहीं कई जगह से इस शो को लेकर आलोचना के स्वर भी उठे हैं.
आमिर खान 20 से भी ज्यादा सालों से हिंदी सिनेमा से जुड़े हैं. 80 के दशक से आई फिल्म कयामत से कमायत तक में वे पहली बार बतौर मुख्य हीरो पर्दे पर नजर आए. उसके बाद से उन्होंने ऑस्कर नामांकित लगान, दिल चाहता है, रंग दे बंसती जैसी फिल्मों में काम किया है.
अभिनय के साथ-साथ आमिर ने निर्माण और निर्देशन के क्षेत्र में भी कदम रखा और इस साल टीवी की दुनिया में अपना पहला कदम रखा. सत्यमेव जयते का पहला सीजन खत्म हो चुका है.
दूसरा सीजन करने के बारे में आमिर ने बीबीसी से बातचीत में कहा था कि वे ये फैसला जल्दबाजी में नहीं लेना चाहते. उनका कहना था, "मैं और मेरी टीम बैठ कर फैसला करेंगे कि हमें इस शो को आगे ले जाना है या नहीं. सच कहूं तो इस बात का फैसला हमारे हाथ में कम है और लोगों के हाथों में ज़्यादा है. हम जल्दबाज़ी में ये फैसला नहीं लेना चाहते.''








